GST काउंसिल का फैसला, ब्लैक फंगस की दवा टैक्स फ्री, वैक्सीन पर नहीं मिली छूट
नई दिल्ली, 12 जून: कोरोना महामारी के बीच ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की उस सिफारिश को जीएसटी काउंसिल ने आज स्वीकार कर लिया, जिसमें कोविड राहत सामग्री पर से टैक्स हटाने की मांग की गई थी। इसके बाद अब देश के हर राज्य में ब्लैक फंगस की दवा टैक्स फ्री हो गई है। हालांकि कोरोना वैक्सीन पर 5 प्रतिशत की जीएसटी बरकरार है, लेकिन कई मेडिकल उपकरणों के टैक्स में कटौती की गई।

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दरअसल मौजूदा हालात को देखते हुए शनिवार को जीएसटी काउंसिल की 44वीं बैठक वर्जुअल माध्यम से हुई। बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बिजली की भट्टियों और टेंपरेचर चेक करने वाली मशीनों पर जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। इसके अलावा एंबुलेंस पर अब 12 प्रतिशत की जीएसटी रहेगी। ये दरें जीओएम द्वारा अनुशंसित 30 सितंबर तक मान्य होंगी। उन्होंने आगे बताया कि उत्पादों की 4 श्रेणियों के लिए जीएसटी दरें तय की गई हैं, जिसमें दवाएं, ऑक्सीजन, ऑक्सीजन-उत्पादन उपकरण, परीक्षण किट, मशीनें और अन्य COVID-19 संबंधित राहत सामग्री शामिल हैं। इनके दरों की घोषणा जल्द कर दी जाएगी।
वैक्सीन पर जीएमटी हटाने की मांग पर वित्त मंत्री ने कहा कि उस पर 5 प्रतिशत की दर बरकरार रहेगी। अभी केंद्र सरकार 75% वैक्सीन खरीद रही है और उस पर GST भी भर रही है। लोगों को सरकारी अस्पतालों में ये जो 75% वैक्सीन फ्री में उपलब्ध कराई जा रही है, जनता पर उसका कोई असर नहीं होगा। इसके अलावा रेमेडेसिवर दवा, ऑक्सीमीटर, मेडिकल ग्रेड की ऑक्सीजन और वेंटिलेटर पर जीएसटी दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है।
8 मंत्री थे ग्रुप में शामिल
आपको बता दें कि 28 मई को भी जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई थी। उस दौरान मेडिकल संबंधित उपकरणों पर टैक्स तय करने का फैसला छोड़ दिया गया था। इसके बाद मंत्रियों का एक समूह बनाया गया। जिसकी अध्यक्षता मेघालय के उप-मुख्यमंत्री कोनराड संगमा कर रहे। उन्होंने 8 जून को काउंसिल को एक रिपोर्ट सौंपी थी। जिसमें ऑक्सीजन, पल्स आक्सीमीटर, सैनिटाइजर, वेंटिलेटर आदि पर राहत देने की मांग की गई थी। जिसको शनिवार को जीएमटी काउंसिल ने मंजूर कर लिया।












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