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शर्मनाकः घर में एक बेटा नेता और दूसरा अधिकारी फिर भी सड़कों पर थी मां, सिर में पड़ गए थे कीड़े, नहीं बची जान

श्री मुक्तसर साहिब। कहते हैं कि मां के लबों पर अपने बच्चों के लिए हमेशा दुआ होती है। लेकिन इस घटना से पता चलता है कि बच्चों के पास मां के लिए कभी वक्त ही नहीं मिला। वरना जिस घर में दो-दो अधिकारी और एक नेता हो उस मां की मौत भला लावारिस कैसे हो सकती है। मृतक महिला का एक बेटा सरकारी अफसर तो दूसरा बेटा एक क्षेत्रीय पार्टी का बड़ा नेता। साथ में पोती भी पीसीएस अधिकारी है। लेकिन अपने जीवन के अंतिम समय में इस तरह गुजारा करना पड़ेगा कभी इस मां ने सोचा नहीं होगा, जिसने भी इस घटना को सुना और जाना तो सिवाय अफसोस जताने के अलावा किसी के पास कुछ भी नहीं था।

सड़क किनारे रह रही थी मां

सड़क किनारे रह रही थी मां

दरअसल, गुज्जर रोड पर मिट्टी के गारे से बनी दो-दो फुट की दीवारों के ऊपर प्लाई के टुकड़ों के बीच 82 वर्षीय महिला मिली थीं। भीषण गर्मी के बावजूद भी महिला यहां रहने को मजबूर थी। महिला के शरीर पर पूरे कपड़े भी नहीं थे। किसी ने महिला को इस हाल में देखा तो इसकी सूचना समाज सेवी संस्था सालासर सेवा सोसायटी को दी, जिसने पुलिस की सहायता से उसे सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया।

मां का नहीं था कोई ख्याल रखने वाला

मां का नहीं था कोई ख्याल रखने वाला

अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा महिला का चेकअप किया गया तो बुजुर्ग महिला के सिर में कीड़े पड़े हुए थे। महिला की हालत काफी गंभीर थी। बेटे को जब मां के हालत की जानकारी मिली तो वह पहुंचा और मां को फरीदकोट अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां बूढ़ी महिला ने दम तोड़ दिया। वहीं इस मामले को लेकर एएसाई दिलबाग सिंह ने बताया कि जांच के दौरान पता चला है कि बुजुर्ग सोढियों का आरा कोटली रोड की रहने वाली थी।

दो फीट की दीवारों के बीच रह रही थी मां

दो फीट की दीवारों के बीच रह रही थी मां

महिला बूड़ा गुज्जर रोड पर दो फीट की दीवारों पर प्लाई के टुकड़ों में रह रही थी। छानबीन में पता चला है कि महिला के दो बेटे हैं, जिनमें से एक नई पार्टी में नेता है और दूसरा सरकारी अधिकारी है। इसके अलावा पौत्री पीसीएस अधिकारी है। बताया जा रहा है कि बच्चों ने महिला की देखभाल के लिए किसी को कहा था।

जांच का दिया गया आदेश

जांच का दिया गया आदेश

वह हर महीने देखभाल के लिए पैसे बी लेता था। लेकिन देखभाल करने वालों ने अपनी जिम्मेदारी नहीं समझी और न ही बेटे व पोती ने अपनी जिम्मेदारी समझी, जिससे महिला की हालत बदतर होती गई। बताया जा रहा है कि जिला उपायुक्त ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं कि महिला इस हालत में कब से थी।

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