Bikaner ACB Raid: क्लर्क के घर कुबेर का खजाना! 75 लाख कैश, 1.5 करोड़ का सोना व 100 बीघा जमीन बरामद | Video
Bikaner ACB Raid News: भ्रष्टाचार की इस 'मल्हार' ने बीकानेर से जयपुर तक हड़कंप मचा दिया है! मिलिए जूनियर असिस्टेंट शुभकरण परिहार (छींपा) से, जिनकी सरकारी पदवी तो 'मामूली' है, लेकिन तिजोरी 'महाबली' निकली। फलोदी में तैनात इस बाबू के ठिकानों पर जब ACB ने रेड मारी, तो मंजर देख अफसरों को लगा जैसे वो किसी बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम में घुस गए हों।
महज कुछ हजार की सैलरी पाने वाले इस मुलाजिम ने भ्रष्टाचार की ऐसी सीढ़ी चढ़ी कि आज इनके पास अपनी वैध आय से 938% ज्यादा की दौलत का साम्राज्य खड़ा है।

Viral Video: घर में मिला 'कुबेर का खजाना': नोटों की गड्डियां और सोना
बीकानेर के मातेश्वरी एन्कलेव स्थित घर में जब अलमारियां खुलीं, तो नोटों की गड्डियां गिरनी शुरू हो गईं। ACB को यहां से 75 लाख रुपये नगद मिले हैं। इतना ही नहीं, करीब डेढ़ करोड़ रुपये की कीमत का शुद्ध सोना और 2 किलो चांदी भी बरामद हुई। बाबू साहब ने अपनी काली कमाई को सोने की ईंटों और बिस्कुटों में इस कदर बदला था कि तौलने में भी घंटों लग गए।
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Shubhkaran Parihar Junior Assistant: जूनियर असिस्टेंट या 'रियल एस्टेट' टायकून?
एक मामूली कर्मचारी के पास रहने के लिए एक घर होना बड़ी बात है, लेकिन शुभकरण ने बीकानेर की पॉश कॉलोनियों (JNV और जयपुर रोड) में तीन आलीशान कोठियां खड़ी कर दीं। इसके अलावा, पैतृक गांव पुनरासर में भी एक भव्य हवेलीनुमा मकान मिला है। महंगी गाड़ियों का काफिला और लग्जरी लाइफस्टाइल देखकर कोई अंदाजा नहीं लगा सकता कि यह शख्स पंचायतीराज विभाग का एक अदना सा कर्मचारी है।
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Rajasthan Corruption Case 2026: 100 बीघा जमीन के 'नए जमींदार'
कागजों और फाइलों की हेराफेरी ने शुभकरण को जमीन का बड़ा मालिक बना दिया। जांच में सामने आया है कि आरोपी के नाम पर करीब 17 हेक्टेयर (लगभग 100 बीघा) उपजाऊ कृषि भूमि है। फलोदी से लेकर बीकानेर तक फैली इस बेहिसाब जमीन की बाजार कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है।
938% ज्यादा संपत्ति: भ्रष्टाचार का 'विश्व रिकॉर्ड'
ACB की गोपनीय जांच में सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा '938' रहा। इसका मतलब है कि शुभकरण ने अपनी पूरी नौकरी के दौरान जितनी तनख्वाह पाई, उससे 9 गुना से भी ज्यादा अवैध संपत्ति बटोर ली। मुख्यालय को मिली एक सीक्रेट टिप के बाद जब जाल बिछाया गया, तो राजस्थान के पंचायतीराज विभाग के भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा चेहरा बेनकाब हो गया।












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