महाअष्टमी पर गोंडा में 11 हजार बेटियों का कन्या पूजन करेगी योगी सरकार, लिम्का बुक में दर्ज होगा रिकॉर्ड

मिशन शक्ति के रूप में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार शारदीय नवरात्रि से मिशन शक्ति का अगला चरण शुरू करने जा रही है। इस शारदीय नवरात्र में योगी सरकार एक और बड़ी पहल कर रही है। इसके तहत गोंडा जिला एक नया इतिहास रचने जा रहा है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में नवरात्रि के पावन अवसर पर गोंडा में देश का सबसे बड़ा कन्या पूजन कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। 22 अक्टूबर को महाअष्टमी के दिन 'शक्ति वंदन' समारोह का आयोजन किया जा रहा है।

इस दौरान गोंडा में एक साथ 11 हजार बेटियों का कन्या पूजन किया जाएगा। यह न सिर्फ प्रदेश बल्कि देश का अब तक का सबसे बड़ा कन्या पूजन समारोह होगा। इस आयोजन को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने का भी प्रयास किया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले हिमाचल प्रदेश के मंडी में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के दौरान सामूहिक कन्या पूजन की गतिविधि को प्रतिष्ठित लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया था। 9 मार्च 2019 को यहां 1008 कन्याओं का सामूहिक पूजन किया गया था। गोंडा में जिला प्रशासन एक नया रिकार्ड बनाएगा।

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गोंडा की जिलाधिकारी नेहा शर्मा इस समारोह की तैयारी में जुट गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मिशन की थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज के प्रांगण में 11 हजार बेटियों को कन्या भोज दिया जायेगा। इस दौरान इन सभी बेटियों को स्वच्छता किट भी उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होंने बताया कि मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के आधार पर पुलिस, उद्यमी, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, स्वयं सहायता समूह, पंचायती राज, कला जैसे 9 विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को नव देवी पुरस्कार दिया जाएगा।

मिली जानकारी के मुताबिक, जिस तरह उत्तर प्रदेश में सीएम योगी ने बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग और तबके तक अपनी योजनाओं का लाभ पहुंचाया है, उसी तरह इस कार्यक्रम में भी हर वर्ग और तबके को शामिल किया जाएगा। सीएम योगी की मंशा के अनुरूप इस समारोह में सभी जाति और धर्म की बेटियों को समान सम्मान देकर समाज को जागरूक किया जाएगा। इसमें खास तौर पर बड़ी संख्या में पिछड़ी और अति पिछड़ी जाति के साथ-साथ दलित, आदिवासी और वनटांगिया समुदाय की बेटियां शामिल होंगी और उनकी पूजा की जाएगी।

इसके लिए जिला प्रशासन ने कई स्कूलों और सामाजिक संगठनों से संपर्क किया है। गोंडा जिले में वनटांगिया समुदाय के लिए पहले से ही कई काम किए गए हैं और उन्हें बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से जोड़कर मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया गया है। इस पहल के जरिए इन सभी समुदायों की बेटियों को सम्मानित और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा।

इस कार्यक्रम की थीम बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ है। इसके माध्यम से हर बेटी को शिक्षित करने के साथ-साथ आगे बढ़ने के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही इस पहल का नाम "शक्ति वंदन" रखा गया है, जो हाल ही में संसद द्वारा पारित महिला आरक्षण विधेयक (महिला शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक) से प्रेरित है।

जिस तरह पीएम मोदी ने देश की आधी आबादी को अधिकार दिलाने का बीड़ा उठाया है और इसके लिए कानून भी बनाया है, उसी तर्ज पर इस कार्यक्रम के जरिए गोंडा और उसके आसपास के जिलों की बेटियों को शक्ति का दर्जा देते हुए उनका वंदन किए जाने की योजना है। इसका संदेश न सिर्फ गोंडा बल्कि पूरे प्रदेश में जाएगा। इतना ही नहीं इस कार्यक्रम की सफलता के बाद इसे जारी रखने का भी प्रस्ताव है।

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