Akhilesh Yadav के छोटे भाई की Ex वाइफ ने रचाई BJP नेता से दूसरी शादी, कौन है पति? मुलायम ने जताया था भरोसा
Monika Yadav Gaurav Chaudhary Marriage: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है। समाजवादी पार्टी सांसद धर्मेंद्र यादव (अखिलेश यादव के चचेरे भाई) की पूर्व पत्नी और फर्रुखाबाद जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव ने 28 मई को BJP नेता गौरव चौधरी (मेरठ जिला पंचायत अध्यक्ष) से शादी कर ली। दोनों ने हिमाचल प्रदेश में बेहद निजी समारोह में परिणय सूत्र बांधे। शादी में सिर्फ दोनों के करीबी परिवार के सदस्य ही शामिल हुए। किसी अन्य BJP नेता या बड़े नेता को आमंत्रित नहीं किया गया।
यह शादी न सिर्फ व्यक्तिगत जीवन का नया मोड़ है, बल्कि यूपी की राजनीति में पारिवारिक, पार्टी और वैवाहिक गठजोड़ की नई बहस भी छेड़ रही है। मुलायम सिंह यादव के परिवार से जुड़ी मोनिका का BJP नेता से रिश्ता जुड़ना सपा के लिए संवेदनशील मुद्दा बन गया है।

Who Is Monika Yadav: मोनिका यादव कौन हैं? फर्रुखाबाद के राजनीतिक परिवार की तीसरी पीढ़ी
बीएससी पास मोनिका यादव फर्रुखाबाद (Farrukhabad) की एक पुरानी और प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता नरेंद्र सिंह यादव छह बार विधायक (1993, 1997, 2002, 2007, 2012 और 2017) रह चुके हैं।

वे मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव सरकारों में मंत्री रह चुके हैं। नरेंद्र सिंह यादव ने 1985 में कांग्रेस टिकट पर पहला चुनाव जीता था और बाद में मुलायम सिंह यादव के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए।

उनके दादा राजेंद्र सिंह यादव भी बड़े नेता थे। वे प्रजा समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे और यूपी सरकार में मंत्री रह चुके थे। उन्होंने फर्रुखाबाद की शमशाबाद और मोहम्मदाबाद सीट से सात बार विधायक के रूप में सेवा की।

मोनिका यादव इसी परिवार की तीसरी पीढ़ी हैं। उन्होंने 2016 के पंचायत चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर उम्मीदवारी की, लेकिन पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी का शिकार हो गईं और हार गईं। 2021 के पंचायत चुनाव में उन्होंने सपा छोड़कर BJP का दामन थाम लिया। BJP के समर्थन से वे फर्रुखाबाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुईं।
Dharmendra Yadav से शादी, रिश्तों में तल्खी और तलाक

धर्मेंद्र यादव, मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के भतीजे और अखिलेश यादव के छोटे भाई (चचेरे) हैं। वे बदायूं से सांसद रह चुके हैं। मोनिका और धर्मेंद्र की शादी परिवारों के फैसले से वर्ष 2005 में हुई थी। मुलायम सिंह यादव ने इस रिश्ते पर भरोसा जताया था। शादी के कुछ साल बाद दोनों के बीच रिश्तों में दरार आ गई। अंततः दोनों का तलाक हो गया। 2016 के पंचायत चुनाव में मोनिका की हार के बाद तनाव बढ़ा। धर्मेंद्र यादव ने दूसरी शादी कर ली। बीएससी पास मोनिका यादव अकेली रहीं और राजनीति में सक्रिय बनी रहीं। पिछले सालों में फर्रुखाबाद जिले में सपा की स्थिति कमजोर हुई, जबकि मोनिका BJP में मजबूत पकड़ बना चुकी थीं। वर्तमान में धर्मेंद्र यादव आजमगढ से सपा सांसद हैं।
Who Is Gaurav Chaudhary: नया पति गौरव चौधरी कौन हैं?

गौरव चौधरी मेरठ जिले के जिला पंचायत अध्यक्ष हैं और BJP के सक्रिय कार्यकर्ता। राजनीति उनके लिए नई नहीं है, हालांकि उन्होंने पंचायत चुनाव से ठीक पहले जर्मनी से वापसी की।
पिता महकार चौधरी मत्स्य विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी। दो चाचा ग्राम प्रधान रह चुके हैं। एक चाची जिला पंचायत सदस्य रहीं। चाचा योगेंद्र कुसैड़ी 2005-2010 तक गांव के प्रधान रहे, जिला सहकारी बैंक के डायरेक्टर भी रहे और 2016 से BJP किसान मोर्चे के जिला उपाध्यक्ष हैं।
गौरव की प्रारंभिक शिक्षा गुरुकुल हॉस्टल में हुई। वे गांवों से गहरा जुड़ाव रखते हैं। जर्मनी से Bachelor of International Business की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वहां होटल व्यवसाय शुरू किया, फिर प्रॉपर्टी कारोबार में आए।
Gaurav Chaudhary एक बेटी के पिता

2014 में उनकी पहली शादी मोनिका चौधरी से हुई थी, उसके बाद तलाक हो गया। उनके एक साढ़े तीन साल की बेटी सोफिया है। गौरव किताबें पढ़ने, लॉन्ग ड्राइव और वॉलीबॉल के शौकीन हैं। उन्होंने बाबा के नाम पर कर्मयोगी भीम सिंह मेमोरियल ट्रस्ट चलाया, जिसके जरिए वे गांवों में गरीब बच्चों को किताबें, कपड़े और मदद पहुंचाते हैं।चाचा योगेंद्र ने ही उन्हें राजनीति में प्रेरित किया। पीएम मोदी से प्रेरणा लेकर उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला किया और जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की।
Monika Yadav Gaurav Chaudhary Love Story: कैसे हुई मुलाकात और शादी?
पिछले एक साल से दोनों की बातचीत चल रही थी। लखनऊ में जिला पंचायत अध्यक्षों की बैठकों के दौरान मुलाकात हुई। दोस्ती धीरे-धीरे रिश्ते में बदल गई। दोनों के परिवारों ने हिमाचल प्रदेश में 28 मई को शादी तय की। शादी बेहद गोपनीय रखी गई। सिर्फ परिवार के सदस्य मौजूद थे। यह दूसरी शादी दोनों के लिए नई शुरुआत है। दोनों ने अपनी-अपनी पहली शादी को कानूनी रूप से समाप्त कर दिया था।
ऐसी शादियां यूपी राजनीति में नई नहीं
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक परिवारों में शादियां अक्सर गठबंधन और गठजोड़ का हिस्सा रही हैं। मुलायम सिंह यादव परिवार में भी कई ऐसे रिश्ते देखे गए। लेकिन मोनिका का मामला इसलिए अलग है क्योंकि इसमें पार्टी परिवर्तन (सपा से BJP) और पूर्व वैवाहिक संबंध शामिल हैं।
दोनों की उपलब्धियां और भविष्य
- मोनिका यादव: फर्रुखाबाद में विकास कार्यों, महिला सशक्तिकरण और पंचायती राज में सक्रिय। BJP में उनकी भूमिका बढ़ रही है।
- गौरव चौधरी: मेरठ में शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर फोकस। उनका ट्रस्ट सामाजिक कार्यों के लिए जाना जाता है।
दोनों अब एक साथ राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन को संभालेंगे। उनकी शादी यूपी की लोकल पॉलिटिक्स को नया आयाम दे सकती है, खासकर 2027 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर।
मोनिका यादव और गौरव चौधरी की शादी व्यक्तिगत खुशी का फैसला है, लेकिन यूपी की राजनीति में यह एक बड़ा संदेश भी है। सपा के पूर्व परिवारिक सदस्य का BJP में गहरा जुड़ाव भविष्य के गठबंधनों और चुनावी रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है। दोनों को नई जिंदगी की ढेरों शुभकामनाएं। राजनीति और परिवार के बीच संतुलन बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी चुनौती होगी। उत्तर प्रदेश की जनता देख रही है कि यह नया गठजोड़ विकास के लिए कितना कारगर साबित होता है।













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