NEET Re-Exam: कहीं SWAT कमांडो तो कहीं बख्तरबंद गाड़ियां! इन देशों में 'मिलिट्री ऑपरेशन' की तरह होती है परीक्षा

NEET UG Re-exam security: नीट पेपर लीक विवाद के बाद भारत में परीक्षा सुरक्षा को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब चर्चा है कि 21 जून को होने वाले NEET री-एग्जाम को पूरी तरह निष्पक्ष और लीक-फ्री बनाने के लिए भारतीय वायुसेना और सेना की मदद ली जा सकती है। दरअसल, कुछ दिन पहले हुई परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद सरकार पर भारी दबाव बना, जिसके बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी। अब सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।

यह सुनने में भले नया लगे, लेकिन दुनिया के कई देशों में ऐसा पहले से होता आ रहा है। कहीं सेना प्रश्नपत्रों को बख्तरबंद गाड़ियों में पहुंचाती है, तो कहीं परीक्षा के दौरान पूरा इंटरनेट बंद कर दिया जाता है। सवाल सिर्फ एग्जाम का नहीं, बल्कि करोड़ों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की साख का होता है। आइए जानते हैं ऐसे देशों के बारे में

NEET UG Re-exam security

चीन: ड्रोन और कमांडो की निगरानी में होता है 'गाओकाओ'

चीन की गाओकाओ परीक्षा दुनिया की सबसे सख्त परीक्षाओं में मानी जाती है। यहां प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने का काम सेना और SWAT कमांडो संभालते हैं। पेपर GPS लगे बख्तरबंद वाहनों में भेजे जाते हैं। परीक्षा केंद्रों के ऊपर ड्रोन निगरानी करते हैं, जो किसी भी वायरलेस डिवाइस या नकल की कोशिश को तुरंत पकड़ लेते हैं। चीन में अगर कोई छात्र पेपर लीक या नकल में पकड़ा जाए तो उसे कई साल तक जेल की सजा भी हो सकती है। इसलिए वहां एग्जाम किसी मिलिट्री ऑपरेशन जैसे लगते हैं।

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अल्जीरिया: परीक्षा के दौरान बंद कर दिया जाता है इंटरनेट

अल्जीरिया ने पेपर लीक रोकने के लिए बेहद सख्त तरीका अपनाया है। साल 2016 में बड़े पैमाने पर पेपर सोशल मीडिया पर लीक होने के बाद सरकार ने परीक्षा के दौरान पूरे देश में इंटरनेट बंद करना शुरू कर दिया। एग्जाम के समय कई घंटों तक मोबाइल इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवा बंद रहती है। परीक्षा केंद्रों और प्रिंटिंग प्रेस की सुरक्षा सेना और पुलिस करती है। छात्रों और शिक्षकों को मोबाइल, स्मार्टवॉच या कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होती।

सीरिया और इराक: हेलीकॉप्टर से पहुंचते हैं प्रश्नपत्र

सीरिया और इराक जैसे देशों में सुरक्षा हालात पहले से चुनौतीपूर्ण रहे हैं, इसलिए वहां परीक्षा सुरक्षा में सेना की बड़ी भूमिका होती है। प्रश्नपत्रों को सीलबंद बक्सों में हेलीकॉप्टर के जरिए दूर-दराज इलाकों तक पहुंचाया जाता है। परीक्षा केंद्रों के बाहर हथियारबंद सैनिक और चेकपोस्ट लगाए जाते हैं ताकि नकल माफिया सक्रिय न हो सके। कई जगह मिलिट्री इंटेलिजेंस भी निगरानी करती है। इन देशों में परीक्षा सिर्फ शिक्षा का मामला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा माना जाता है।

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भारत: अब एयरफोर्स और अर्धसैनिक बलों की तैयारी

नीट पेपर लीक मामले के बाद भारत सरकार भी परीक्षा सुरक्षा को लेकर काफी सख्त नजर आ रही है। प्रस्ताव है कि भविष्य में प्रश्नपत्रों को देशभर में पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के कार्गो विमान (Indian Air Force for NEET) और सैन्य वाहनों का इस्तेमाल किया जाए। इसके अलावा, पेपर रखने वाले स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा अर्धसैनिक बलों को देने पर भी विचार हो रहा है। सरकार चाहती है कि पेपर छपाई से लेकर परीक्षा केंद्र तक किसी भी बाहरी व्यक्ति की पहुंच न हो। इससे पेपर लीक माफिया पर बड़ी रोक लग सकती है।

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