आवारा कुत्तों की जनसंख्या नियंत्रण पर योगी सरकार सख्त, एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर लगाएगा लगाम
उत्तर प्रदेश सरकार ने कुत्तों की आबादी पर नियंत्रण के लिए सख्ती शुरू कर दी है। यूपी में इस समय एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर (एबीसी) पर काफी फोकस किया जा रहा है। इसके तहत योगी सरकार ने प्रदेश में दो लाख 16 हजार से ज्यादा कुत्तों की नसबंदी की है।
बता दें कि वर्तमान में राज्य भर के 11 शहरी स्थानीय निकायों में एनिमल बर्थ कंट्रोल इंटर (एबीसी) संचालित किए जा रहे हैं। इस योजना को आगे बढ़ाते हुए सभी नगर निगमों और 58 जिला मुख्यालयों में एबीसीएस स्थापित किया जाना है। इसके लिए सरकार ने 15 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान भी किया है।

दरअसल, शहरी इलाकों में जानवरों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। इसके बाद कई ऐसे मामले भी सामने आए, जिनमें जानवरों ने इंसानों पर जानलेवा हमले किए। इन घटनाओं के बाद ही जानवरों की बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने की जरूरत महसूस हुई है। हाईकोर्ट ने पशु जन्म नियंत्रण को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
डॉग्स केयर सेंटर स्थापित करने का प्रयास
नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव अमृत अभिजात के मुताबिक, हाल के दिनों में बच्चों और आम लोगों पर कुत्तों के हमले के कई मामले सामने आये हैं। इन हमलों की घटनाओं को रोकने के लिए योगी सरकार गंभीर है। इसे देखते हुए सरकारी और निजी एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर (एबीसी) और डॉग्स केयर सेंटर स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पहले चरण में सभी 17 नगर निगमों में एबीसीएस का गठन किया जा रहा है, जबकि दूसरे चरण में शेष 58 जिला मुख्यालयों में इसकी स्थापना की जाएगी। एबीसी का संचालन एनजीओ के माध्यम से किया जाएगा, जिनका चयन बोली प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
यूपी में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की स्थापना के लिए नियम तय कर दिए गए हैं। इसके मुताबिक यूपीएबीसी के लिए प्रतिदिन 41 और डॉग्स केयर सेंटर के लिए 30 कुत्तों की देखभाल का प्रावधान है। इसके साथ ही डॉग पार्क के लिए स्थान का निर्धारण भी जरूरी है। यूपीएबीसीएस और कुत्ते देखभाल केंद्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पालतू जानवरों की दुकानों के साथ-साथ पालतू सैलून का भी प्रस्ताव है।












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