उत्तराखंड: सीएम धामी ने अफसरों को किया सख्त, जनता की समस्याओं को लटकाएं नहीं
देहरादून, 9 सितंबर: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों से समस्याओं को उलझाने की जगह सकारात्मक सोच के साथ सुलझाने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्याएं अनावश्यक लंबित रखने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नैनीताल पहुंचे मुख्यमंत्री ने जनआशीर्वाद रैली की जनसभा को संबोधित करने के बाद शाम को नैनीताल क्लब में जनप्रतिनिधियों और कई विभागों के अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने विधानसभा स्तर पर कार्यों की समीक्षा करने व विधानसभा स्तर पर समीक्षा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाने को कहा। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस चौकी से लेकर कोतवाली स्तर की कोई भी समस्या उच्चस्तर पर कतई नहीं आनी चाहिए। यदि निचले स्तर की समस्याएं उच्चस्तर तक आती हैं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिला प्रभारी मंत्री यशपाल आर्य, जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, अनिल कपूर डब्बू, कमिश्नर सुशील कुमार, डीआइजी नीलेश आनन्द भरणे, एसएसपी प्रीति प्रियदर्शनी, सीडीओ संदीप तिवारी, प्रबंध निदेशक केएमवीएन नरेंद्र भंडारी, अपर आयुक्त प्रकाश चन्द, डीएफओ बीजुलाल, चंद्रशेखर जोशी, सीएमओ भागीरथी जोशी, डीडीओ रमा गोस्वामी, पीडी अजय सिंह आदि मौजूद थे।
सड़क गड्ढामुक्त हों
सीएम ने 15 सितंबर तक सड़कों को गड्ढ़ा मुक्त बनाने के बनाने के निर्देश दिए। हल्द्वानी के मेयर डॉ. जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला के अनुरोध पर नगर निगम की आंतरिक सड़कों की डीपीआर तुरंत तैयार करने के निर्देश अधीक्षण अभियंता लोनिवि को दिए। उन्होंने ये भी निर्देश दिए कि युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार से जोडऩे के लिए स्थानीय विधायकों के साथ समन्वय स्थापित कर स्वरोजगार कैंपों का आयोजन किया जाए। सीएम ने डीएम धीराज सिंह गब्र्याल को कैंची धाम में पार्किंग निर्माण की डीपीआर तुरंत तैयार कराकर शासन को भिजवाने के निर्देश दिए।
वनभूमि हस्तांतरण प्रस्ताव में एक ही बार लगाएं सभी आपत्तियां
वन विभाग की समीक्षा करते हुए सीएम ने निर्देश दिए कि विकास कार्यों से संबंधित प्रकरणों के वनभूमि हस्तांतरण प्रस्ताव में बार-बार आपत्ति न लगाकर एक ही बार में समस्त आपत्ति लगाना सुनिश्चित करें। डीएम ने बताया कि जिले में आर्थिकी संसाधनों में वृद्धि के लिए प्राथमिक क्षेत्र, कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य आदि विभाग को जिला योजना से 12 करोड़ से अधिक की धनराशि अवमुक्त की गई है।












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