ममता के भतीजे Abhishek Banerjee की सरेआम पिटाई,फटी शर्ट, अंडे फेंके, हेलमेट पहनकर बचे, शॉकिंग Video आया सामने
Abhishek Banerjee beaten: पश्चिम बंगाल की राजनीति से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में जानलेवा हमला हुआ है। वे वहां चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे, तभी स्थानीय लोगों और कथित भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया।
इस हंगामे का एक शॉकिंग वीडियो भी सामने आया है, जिसमें भारी अफरातफरी देखी जा सकती है। हमले के दौरान अभिषेक बनर्जी की शर्ट तक फट गई और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए आनन-फानन में हेलमेट पहनाकर गाड़ी तक पहुंचाया। इस घटना पर गुस्सा जाहिर करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा, "यह सब भाजपा द्वारा प्रायोजित है। पुलिस कहीं दिखाई नहीं दे रही है।"

अभिषेक बनर्जी ने हमला होने के बाद, वहां से निकलते वक्त कहा, "यह सब BJP द्वारा प्रायोजित है। यह सब BJP के इशारे पर हुआ है। देखिए इन्होंने क्या किया है। लोकतंत्र का इनका यही उदाहरण है। अभी एक महीना भी नहीं बीता है, और पुलिस कहीं नजर नहीं आ रही है।"
रिपोर्ट है कि बीजेपी (BJP) कार्यकर्ताओं ने अभिषेक बनर्जी को देखते ही 'चोर-चोर' के नारे लगाए। इस घटना के बाद इलाके में भारी राजनीतिक तनाव है।
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया, "हमलावरों का इरादा मुझे नुकसान पहुंचाने का था। धक्का-मुक्की के दौरान मेरी शर्ट तक फाड़ दी गई। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। हेलमेट पहने होने की वजह से मेरे सिर को चोट नहीं लगी। लेकिन इस तरह के हमलों से न तो हम डरने वाले हैं और न ही पीछे हटने वाले हैं।"
फर्जी दस्तखत मामले में घिरे भी घिरे अभिषेक बनर्जी, CID ने भेजा समन
एक तरफ जहां जमीन पर अभिषेक बनर्जी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा, वहीं दूसरी तरफ उनके खिलाफ कानूनी शिकंजा भी कस गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस की सीआईडी (CID) ने अभिषेक बनर्जी को समन जारी कर सोमवार दोपहर 12 बजे भवानी भवन (पुलिस मुख्यालय) में पेश होने का आदेश दिया है।
यह पूरा मामला विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) के रूप में शोभनदेब चट्टोपाध्याय के नामांकन से जुड़ा है। आरोप है कि विधानसभा सचिवालय को भेजे गए पत्र में टीएमसी के कुछ विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर (Forged Signatures) किए गए थे। इस संबंध में कोलकाता के हरे स्ट्रीट थाने में केस दर्ज होने के बाद जांच सीआईडी को सौंप दी गई है। राजनीतिक हिंसा और कानूनी जांच के इस दोहरे संकट ने राज्य की सियासत में नया भूचाल ला दिया है।












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