UP News: प्रशिक्षु IAS अधिकारियों को CM Yogi ने दिया मंत्र, संवाद और समन्वय पर फ़ोकस
सीएम योगी ने नए आईएएस अधिकारियों को मंत्र दिया और कहा कि कार्यकाल के दौरान यदि आपका बार बार ट्रांसफर हो रहा है तो जानिए कि आप सही दिशा में जा रहे हैं।
Chief Minister Yogi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में शामिल हुए युवा अधिकारियों को सफल कॅरियर के लिए संवाद, समन्वय और सकारात्मकता का मंत्र देते हुए कहा कि चुनौतियां ही आपके जीवन को निखारेंगी और इससे कभी घबराना नहीं चाहिए। स्थानांतरण के समय यदि लोग आपके जाने से दुःखी होते हैं तो समझ लीजिए आप सही दिशा में हैं।

मन में हमेशा जनहित का भाव रखें
आईएएस 2021 बैच के यूपी कैडर के अधिकारियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के प्रशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनना, बड़ी चुनौतियों से भरा है। यह चुनौतियां ही आपके व्यक्तित्व को निखारेंगी। आईएएस अधिकारी के रूप में आप सभी को जॉइंट मैजिस्ट्रेट से लेकर शासन के शीर्ष पदों पर काम करने का, नीतियां बनाने का दायित्व मिलेगा। ऐसे अवसर पर आपके मन में जनहित का भाव होना चाहिए।
मेरिट के आधार पर निर्णय लेने का प्रयास करें
उन्होंने कहा कि शुरुआती 05-06 वर्ष में आपके काम करने की दिशा आने वाले 30-35 वर्षों के लिए आपके कॅरियर की राह तय करने वाली होगी। फील्ड में तैनाती के दौरान जनता से जितना बेहतर कनेक्ट रखेंगे, मेरिट के आधार पर निर्णय लेने की जितनी अच्छी क्षमता होगी, उतना ही लोग आपको याद रखेंगे। इसलिए अपनी मेधा औए प्रतिभा का बेहतर इस्तेमाल कीजिए। सकारात्मक भाव के साथ काम करे और जनविश्वास अर्जित करें।
कानून व्यवस्था संभालने में मदद करें
प्रदेश के अनेक घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रेनिंग के बाद जब आप जॉइंट मैजिस्ट्रेट के रूप में पहली तैनाती पाएंगे तो वहां राजस्व के मामले भी आएंगे और कानून-व्यवस्था भी संभालने का अवसर होगा। आज राजस्व के लाखों मामले लंबित हैं, लोगों को त्वरित न्याय का इंतज़ार है। उनकी अपेक्षा आप पूरी कर सकते हैं। कानून-व्यवस्था के मामलों में संवाद की महत्ता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी से बड़ी भीड़, किंतनी भी आक्रोश क्यों न हो, यदि ठीक से संवाद हो तो हर समस्या का समाधान हो जाता है।
आईएएस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताए अपने अनुभव
अयोध्या, कानपुर, हरदोई, रायबरेली, मुरादाबाद, आगरा, सहारनपुर, आमजमगढ़, झांसी, मथुरा गोरखपुर, वाराणसी आदि जिलों में बीडीओ, उपजिलाधिकारी, सीडीपीओ जैसे पदों पर तैनाती के साथ फील्ड का अनुभव लेकर आईएएस के फेज दो के प्रशिक्षण के लिए तैयार अधिकारियों ने संवाद के दौरान अपने अनुभव भी साझा किए। युवा अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों की चुनौतियों के बारे में मुख्यमंत्री को बताया, साथ ही अपने द्वारा किए गए नवाचारों से भी अवगत कराया।
पॉवर मिला है तो आमजन के जीवन में बदलाव लाएं
सभी के अनुभवों को आगे के कार्यकाल के लिए उपयोगी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 करोड़ की आबादी वाले, 18 मंडलों और 75 जिलों के इस विशाल राज्य के हर जिले की अपनी चुनौतियां हैं। प्रशासनिक अधिकारी के रूप में इन्हें समझना और इनका सामना करना आपका दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएएस अधिकारी के रूप में आमजन के जीवन में बदलाव लाने का एक अच्छा मौका है इसका सदुपयोग करना चाहिए।












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