वाल्मीकि समाज खुद लड़ेगा अपनी लड़ाई, आगरा में बोलीं प्रियंका गांधी- पार्टी देगी एक व्यक्ति को टिकट
वाल्मीकि समाज खुद लड़ेगा अपनी लड़ाई, आगरा में बोलीं प्रियंका गांधी- पार्टी देगी एक व्यक्ति को टिकट
आगरा, 30 दिसंबर: कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने कहा है कि वाल्मीकि समाज पर अत्याचार हो रहे हैं। हाथरस कांड और अरुण वाल्मीकि हत्याकांड के बाद वाल्मीकि समाज अपनी लड़ाई खुद लड़ेगा। समाज के एक व्यक्ति को टिकट कांग्रेस देगी। बुधवार को आगरा में प्रियंका गांधी ने वाल्मीकि समाज के तख्त चौधरियों से 30 मिनट तक संवाद किया। उन्होंने हाथरस में वाल्मीकि परिवार की युवती और आगरा में अरुण नरवार की हत्या की घटनाओं को चिंतनीय बताया। कहा कि वाल्मीकि समाज को अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी। वादा किया कि पार्टी आगरा में एक विधानसभा सीट पर वाल्मीकि समाज के व्यक्ति को कांग्रेस टिकट देगी। समाज के प्रमुख लोग खुद अपना प्रत्याशी तय कर लें, पार्टी उसे अपना उम्मीदवार बना देगी।

इस दौरान वाल्मीकि समाज के लोगों ने उन्हें अपनी समस्याएं बताईं। शिकायत पत्र भी सौंपे। उन्होंने तख्त चौधरियों की बातों को भी बड़े ध्यान से सुना। प्रियंका ने कहा कि आगरा समेत प्रदेश में हर जगह जहां आपका वोट होगा, पार्टी टिकट देने के लिए गंभीरता दिखाएगी। फिरोजाबाद में कार्यक्रम में भाग लेकर प्रियंका गांधी 6.15 बजे वाटिका पर पहुंची। बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रोका मगर वह बिना किसी से बात किए अंदर चली गईं।
वाटिका में चुनिंदा लोगों को ही प्रवेश दिया गया। समाज के चौधरियों ने प्रियंका गांधी को बंद लिफाफा सौंपा। इस दौरान वाल्मीकि समाज के तख्त चौधरियों में मान सिंह, झिल्लोराम, बल्लो प्रसाद, पीसी नरवार, हरि कुमार चौहान, रामजीलाल विद्यार्थी, लालाराम फौजी, विकास पारस और कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अजय वाल्मीकि, प्रदेश सचिव विनेश सनवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह मीनू, शहर अध्यक्ष देवेंद्र कुमार चिल्लू मौजूद रहे।
प्रियंका ने अरुण की बेटी कनक को गोद में बैठाया
प्रियंका गांधी ने अरुण नरवार की मां कमला देवी, पत्नी सोनम, भाई सोनू से मुलाकात की। उनसे काफी देर तक बातचीत करती रहीं। इसके बाद उन्हें लखनऊ में मिलने के लिए बुलाया। इस दौरान उन्होंने अरुण की बेटी को अपनी गोद में बैठाए रखा। चर्चा है कि पार्टी अरुण के परिवार के किसी सदस्य को भी अपना प्रत्याशी घोषित कर सकती है। दूसरी ओर, ऑटोमोबाइल कंपनी में मैनेजर रहे रंजीत खरे की कुछ दिनों पहले हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर रंजीत के परिवारीजनों ने भी मांगपत्र सौंपा।












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