तेलंगाना पुलिस को बाल सुरक्षा के लिए 'स्मार्ट पुलिसिंग' पुरस्कार से किया गया सम्मानित, डीजीपी ने की सराहना
तेलंगाना पुलिस को बच्चों की सुरक्षा में की गई उनकी पहल 'वर्कसाइट स्कूल' के लिए स्मार्ट पुलिसिंग पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इस पहल के तहत 6500 उड़िया बच्चों और महाराष्ट्र के 55 बच्चों को बचाया गया है और उनका वर्कसाइट स्कूलों में एडमीशन करवाकर उनको पढ़ाया जा रहा है।

पूर्व रचाकोंडा सीपी और वर्तमान एडीजी सीआईडी महेश भागवत द्वार ये पहले गई है। इस पहल के तहत खतरना ईट भट्टा उद्योगों में काम करने वाले बच्चों को बचाया और इसके बाद बच्चों को बुनियादी शिक्षा के लिए वर्कसाइट स्कूल शुरू किया जहां पर उन्हें पढ़ाया जाता है।
इस स्कूल में पढ़ने वाले इन बच्चों का भविष्य सुनिश्चित करने के लिए एकीकरण प्रमाणपत्र दिए जाते हैं कि वे अपने मूल स्थान पर लौटने पर उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम हैं। बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए रचाकोंडा पुलिस आयुक्त की परियोजना जनवरी 2017 में शुरू की गई थी।
डीजीपी ने भागवत और टीम की पहल की सराहना की
पूर्व रचाकोंडा सीपी और वर्तमान एडीजी सीआईडी महेश भागवत को शुक्रवार, 15 सितंबर को दिल्ली में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) हाउस में होमलैंड सिक्योरिटी सम्मेलन में पुरस्कार से सम्मानित किया गया।तेलंगाना के डीजीपी अंजनी कुमार ने नेक काम के लिए भागवत और टीम की पहल की सराहना की।
बच्चों के पुर्नवास के लिए की महेश भागवत ने की है ये पहल
बता दें बच्चों के पुर्नवास के तहत महेश भागवत ने इन बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन योजना और कक्षाएं प्रदान करने के लिए यदाद्री भोंगिरि, रंगा रेड्डी और मेडचल मल्काजगिरि के जिला कलेक्टरों को शामिल किया है। इसके अलावा ईट भट्ठा मालिक संघ को स्थानीय परिवहन सुविधा के साथ-साथ बच्चों के लिए स्कूल ड्रेस उपलब्ध करवाने का आदेश दिया है। इसके अलावा उमी डैनियल और सुरेश गुट्टा के नेतृत्व में सिविल सोसाइटी एड एट एक्शन ने बाल श्रम से बचाए गए बच्चों को उनकी मातृभाषा में पढ़ाने के लिए ओडिशा और महाराष्ट्र से शिक्षक उपलब्ध कराए।












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