तेलंगाना सरकार ने कहा, 'हजार स्तंभ मंदिर के जीर्णोद्धार पर केंद्र ने नहीं दिया ध्यान'
विनय भास्कर ने कहा कि एक ताजा अनुमान के मुताबिक एएसआई को काम पूरा करने के लिए और छह करोड़ रुपये की जरूरत है।

तेलंगाना सरकार में मुख्य सचेतक डी विनय भास्कर ने काकतीय राजवंश की समृद्ध विरासत को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। रविवार को हजार स्तंभ मंदिर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए मंदिरों का उपयोग करने वाली भाजपा शायद ही कभी उनके विकास पर ध्यान देती है।
डी विनय भास्कर ने कहा, 'कल्याण मंडपम के जीर्णोद्धार का काम शुरू हुए 17 साल हो चुके हैं। लेकिन, पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय के तहत काम करने वाली केंद्र सरकार की एजेंसी, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से हो रही धन की कमी के कारण इसका काम कछुए की गति से चल रहा है।
गौरतलब है कि केंद्र ने 2005 में 132 स्तंभों वाले कल्याण मंडपम की बहाली को मंजूरी दी और 2006 में काम शुरू हुआ। केंद्र ने 2006 में 3.5 करोड़ रुपये जारी किए और 2009 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा। हालांकि बहुत ज्यादा देरी के कारण, काम का अनुमान बढ़कर 7.50 करोड़ रुपये हो गया। वास्तुकार ने भुगतान में देरी होने के कारण काम बीच में ही छोड़ दिया।
विनय भास्कर ने कहा कि एक ताजा अनुमान के मुताबिक, एएसआई को काम पूरा करने के लिए और छह करोड़ रुपये की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इससे पहले राज्य सरकार ने 20 करोड़ रुपये से मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने के क्षेत्र को विकसित किया था और आगंतुकों को सुविधाएं सुनिश्चित की थीं। उन्होंने कहा कि भले ही पर्यटकों और श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही थी, लेकिन एएसआई काम पूरा करने में विफल रहा।












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