विशाखापत्तनम बंदरगाह के नाव मालिकों को टीडीपी 1 लाख रुपये और श्रमिकों को 5 हजार रुपये देगी
आंध्र प्रदेश में 2024 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले विशाखापत्तनम के एक बंदरगाह पर भीषण आग लग गई जिसमें यहां पर मछली पकड़ने वाले मछवारों की नावें आग में जलकर स्वाहा हो गईं। इस मुद्दें को लेकर राज्य में राजनीति जमकरगरमा चुकी है, सभी राजनीतिक दल इस मौके को भुनाने में जुट चुके हैं। वहीं आंध्र प्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी टीडीपी ने उन मछुआरों को वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है जिनकी नांव आग में जलकर स्वाहा हो गईं।

शनिवार को मीडिया को जारी की विज्ञप्ति में टीडीपी के प्रदेश अध्यक्ष के अत्चन्नायडू ये ऐलान किया। उन्होंने पार्टी की ओर से ऐलान जारी करते हुए बताया पार्टी उन लोगों को 1 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी जिनकी नावें पूरी तरह से नष्ट हो गईं और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त नावों के लिए 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
प्रभावित नाव श्रमिकों को 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।टीडीपी नेता अत्चन्नायडू ने आंध्र प्रदेश की वाईएस जगन मोहन रेड्डी सरकार पर नाव मालिकों के बचाव में विफल रहने का आरोप लगाया।
इसके साथ ही उन्होंने मछुआरो वे वादा किया कि राज्य में टीडीपी-जेएसपी गठबंधन के सत्ता में आने के तुरंत बाद पीड़ितों को नई नावें दी जाएंगी।
टीडीपी के प्रदेश अध्यक्ष अत्चन्नायडू ने मीडिया से बात करने से पहले ने पिछड़े वर्ग के पार्टी नेताओं के साथ, मंगलागिरी में पार्टी मुख्यालय में 'बीसी ला वेन्नु विरस्तुन्ना जगन' (जगन बीसी की कमर तोड़ रहे हैं) नामक एक पुस्तक का विमोचन किया।
प्रदेश अध्यक्ष अत्चन्नायडू ने कहा टीडीपी ने आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिकरूप से राज्य के पिछड़ा वर्ग के लिए अनेक अवसर प्रदान किए। टीडीपी ने आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से बीसी के लिए विभिन्न अवसर पैदा किए हैं। वो चाहे सत्ता में हो या विपक्ष में, केवल टीडीपी ही है जो हमेशा समाज के वंचित वर्गों के साथ खड़ी रहती है।
इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आए जगन ने बीसी को धोखा देने का अपना दुष्ट खेल शुरू कर दिया है।
अत्चन्नायडू ने कहा
जगन के सत्ता में आने के बाद 74 पिछड़ा वर्ग के लोगों को मौत की सजा दी गई, जबकि उनके समेत 800 लोगों के खिलाफ अवैध मामले थोपे गए। टीडीपी राज्य इकाई के अध्यक्ष ने कहा कि 3,000 से अधिक लोगों को विभिन्न प्रकार के उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है, जब कोई वाईएसआरसी सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उनके खिलाफ झूठे मामले थोपे जा रहे हैं।












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