टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू बोले, 'मां मेरी पहली शिक्षक थीं'
चंद्रबाबू नायडू ने कहा 'उन्होंने मुझे अनुशासन के साथ बड़ा किया, मैं आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को याद करते हुए महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा, शिक्षा, कल्याण और सरकारी नीतियों जैसे विषयों पर बात करना चाहता हूं।

आंध्र प्रदेश में 'सीबीएन कनेक्ट' कार्यक्रम के तहत 100 अलग-अलग जगहों की महिलाओं से वर्चुअल बातचीत के दौरान टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने अपनी मां अम्मानम्मा को अपना पहला शिक्षक बताया।
चंद्रबाबू नायडू ने कहा, 'उन्होंने मुझे अनुशासन के साथ बड़ा किया, मैं आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को याद करते हुए महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा, शिक्षा, कल्याण और सरकारी नीतियों जैसे विषयों पर बात करना चाहता हूं। महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लिए टीडीपी सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताने के अलावा मैं वर्तमान वाईएसआरसी सरकार पर महिलाओं पर भारी करों और कीमतों में वृद्धि का बोझ का भी जिक्र करना चाहता हूं।'
वहीं, अन्नामय्या जिले में, तेदेपा महासचिव नारा लोकेश ने अपनी चल रही पदयात्रा, युवा गालम के दौरान पिलेरू विधानसभा क्षेत्र में चिंतापार्थी शिविर में महिला प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। लोकेश ने वाईएसआरसी के विधायकों पर अपनी मां के बारे में बुरा बोलने का आरोप लगाया और कहा, 'इसका राजनीति से कोई संबंध नहीं है। बच्चों को महिलाओं का सम्मान करना सिखाने के लिए केजी स्तर से पाठ शुरू किया जाना चाहिए।'
आगे उन्होंने कहा, 'वाईएसआरसी के शासन में महिलाओं के लिए बिल्कुल भी सुरक्षा नहीं है। केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले चार सालों में 56 हजार महिलाओं को तरह-तरह के उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा है, जबकि 900 महिलाओं पर अत्याचार हुए हैं।
इससे पहले, टीडीपी की महिला विंग की अध्यक्ष वांगलापुदी अनीता ने कहा कि वाईएसआरसी शासन के तहत महिलाओं के लिए कोई सम्मान या सुरक्षा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जगन मोहन रेड्डी के राज्य के मुख्यमंत्री बनने के बाद महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़ गए हैं।












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