ओडिशा एसटीए का आदेश, निजी बसों में अगर महिलाओं के साथ भेदभाव हुआ तो होगी सख्त कार्रवाई
ओडिशा में अगर अब बस ड्राइवरों ने महिला यात्रियों को बस में बैठाने में कोई भेदभाव किया तो उनकी खैर नहीं। ओडिशा राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) ने अब ये आदेश जारी किया है कि बस में बिठाने को लेकर महिलाओं के साथ कोई भेदभाव किया जाता है तो ई चालान जारी किया है।

ओडिशा राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) को ये निर्दश उस घटना के बाद आया जिसमें एक निजी बस स्टाफ ने एक महिला को भुवनेश्वर के बारामुंडा बस स्टैंड पर इसलिए नहीं बस में नहीं चढ़ने दिया था क्योंकि वो पहली यात्री थी। उसे पहली यात्री के रूप में बस में चढ़ने से रोक दिया।
महिलाओं को पहले यात्री के रूप में अपने वाहनों में प्रवेश न देने वाली अजीब प्रथा को चलाने वाले ड्राइवरों को सबक सिखाने का मन सरकार ने बना लिया है। एसटीए ने शुक्रवार को आरटीओ को ऐसी बसों के मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करने और ई-चालान जारी करने का निर्देश दिया।
आरटीओ को निजी और सरकारी दोनों बसों की नियमित रूप से जांच करने का आदेश दिया है। इसके बाद जब भी यह पता चले कि बस मालिक या कंडक्टर पहले यात्री के रूप में महिलाओं को बस में प्रवेश देने से इनकार किया है तो मालिकों के खिलाफ ई-चालान तुरंत किया जाए।
बता दें एक महिला ने शिकायत की जिसे राज्य की राजधानी ओडिशा के निजी बस स्टाफ ने भुवनेश्वर के बारामुंडा बस स्टैंड पर पहले यात्री के रूप में बस में चढ़ने से रोक दिया। इसके बाद इस महिला ने आरटीओ को लेटर लिखकर शिकायत की थी। जिसके बाद ये एक्शन लिया गया है।
इस संबंध में एसटीए सचिव ब्रज बंधु भोल ने कहा कि समय-समय पर सरकार द्वारा अधिसूचित बस किराए के भुगतान पर यात्रियों को ले जाने के लिए विभिन्न मार्गों पर स्टेज कैरिज को परमिट दिए जाते हैं।












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