कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के लिए राज्य अध्यक्षों को करना है एक प्रस्ताव पारित, केंद्रीय नेतृत्व ने की घोषणा
नई दिल्ली, सितंबर 16। कांग्रेस पार्टी के नए अध्यक्ष का चुनाव अक्टूबर महीने में होना है और इसकी तैयारियां पार्टी के अंदर चल रही हैं। इस बीच कांग्रेस में निष्पक्ष और पारदर्शी संगठनात्मक चुनाव की मांग करने वालों को झटका देने वाली एक घोषणा की गई है। दरअसल, पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने अपनी राज्य इकाइयों को पार्टी अध्यक्ष को राज्य अध्यक्षों और एआईसीसी सदस्यों को नियुक्त करने का अधिकार देने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करने के लिए कहा है।

इस प्रस्ताव के पारित होने का अर्थ है कि पार्टी में नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए राज्य अध्यक्षों का अधिक महत्व नहीं रह जाएगा। इस कदम से न केवल राज्य अध्यक्षों के चुनाव में बाधा आएगी, बल्कि इससे कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के चुनावों में धांधली करने में भी मदद मिलेगी और केंद्रीय नेतृत्व एआईसीसी सदस्यों की नियुक्ति करेगा जो समिति का निर्वाचक मंडल बनाते हैं।
जिस तरह से 9300 प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के प्रतिनिधियों का चयन किया गया है, उस पर भी चिंता जताई गई है। ये प्रतिनिधि नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। प्रदेश रिटर्निंग ऑफिसर, जो पीसीसी प्रतिनिधियों के चुनाव की निगरानी के प्रभारी थे, केंद्रीय नेतृत्व द्वारा चुने गए गांधी परिवार के वफादारों का एक समूह था। इन पीआरओ ने केंद्रीय नेतृत्व के परामर्श से पीसीसी प्रतिनिधियों की लिस्ट तैयार की है।
इन पीआरओ ने केंद्रीय नेतृत्व के परामर्श से पीसीसी प्रतिनिधियों की सूची तैयार की। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को छोड़कर किसी भी राज्य में पीसीसी प्रतिनिधियों के लिए कोई चुनाव नहीं हुआ।












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