तेलंगाना के वरिष्ठ कांग्रेस नेता इस बार टिकट से हो सकते हैं वंचित, जानिए बड़ी वजह
पार्टी पलेयर के लिए एक मजबूत उम्मीदवार की तलाश कर रही है। यहां से प्रबल दावेदारों की लिस्ट में पूर्व मंत्री थुम्माला नागेश्वर राव का नाम भी शामिल हैं।
आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व पर टिकट की मांग का दबाव बढ़ता जा रहा है। हालांकि इसमें उम्मीदवारों के नामों को पार्टी ने अब तक अंतिम रूप देने को लेकर को बयान नहीं दिया है। लेकिन इस बार चुनाव के दौरान पैंतरेबाजी की गुंजाइश कम है।
हाल ही में कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक के बाद बीसी समुदाय के नेताओं ने प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र के कम से कम दो विधानसभा क्षेत्रों में अधिक टिकट की मांग की। अगर पार्टी इस मांग पर सहमत होती है तो वरिष्ठ नेताओं को ही 'रियायतें' देनी होंगी।

ऐसे में के जना रेड्डी, जिन्होंने टिकट के लिए आवेदन नहीं किया है, जबकि उनके दोनों बेटों ने आवेदन किया है, निराश होंगे। पार्टी जना रेड्डी के बेटों में से एक, संभवतः नागार्जुनसागर को केवल एक टिकट दे सकती है, जबकि मिर्यालगुडा में एक बीसी नेता को समायोजित कर सकती है।
इसी तरह मल्काजगिरि लोकसभा क्षेत्र में एलबी नगर और मल्काजगिरि विधानसभा क्षेत्र बीसी नेताओं के लिए आरक्षित हो सकते हैं। करीमनगर के बीसी नेता करीमनगर, वेमुलावाड़ा और हुस्नाबाद विधानसभा टिकटों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। हालांकि, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओसी) समेत अन्य जातियों के नेताओं ने भी टिकट के लिए आवेदन किया है, जिससे प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है।
महबूबनगर और नगरकुर्नूल लोकसभा क्षेत्रों में स्थिति अलग नहीं है, जहां नारायणपेट, शादनगर, मकतल और गडवाल को बीसी उम्मीदवारों को आवंटित करने पर विचार-विमर्श चल रहा है। मेडक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में, नरसापुर और पटानचेरु विधानसभा क्षेत्रों को बीसी समुदाय के नेताओं के लिए माना जा रहा है, लेकिन विभिन्न पृष्ठभूमि के नेता इन सीटों को सुरक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं।
खम्मम में एक अलग चुनौती है, क्योंकि यहां केवल तीन क्षेत्र सामान्य वर्ग के लिए हैं। जबकि बाकी आरक्षित हैं। कांग्रेस ने कोठागुडेम के लिए पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी को चुना है और खम्मम सीट कम्मा नेता को दिए जाने की उम्मीद है। पार्टी पलेयर के लिए एक मजबूत उम्मीदवार की तलाश में है। इसमें पूर्व मंत्री थुम्माला नागेश्वर राव प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि वाईएसआर तेलंगाना पार्टी की अध्यक्ष वाईएस शर्मिला, जो कथित तौर पर अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय करने के लिए तैयार हैं, भी पलेयर से चुनाव लड़ने में रुचि रखती हैं। महबूबाबाद लोकसभा सीट में केवल एक विधानसभा क्षेत्र सामान्य श्रेणी में आता है। जबकि अन्य छह सीटें आरक्षित हैं। जिससे पैंतरेबाजी के लिए की गुंजाइश बहुत कम है।












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