सालासर बालाजी मार्ग पर राम दरबार की मूर्ति लगा प्रवेश द्वार गिराने के मामले में राजे ने गहलोत पर साधा निशाना
चूरू. सालासर बालाजी के पास सालासर-सुजानगढ़ मार्ग पर राम दरबार की मूर्ति लगे भव्य प्रवेश द्वार (तोरण) को अंधेरी रात में बुलडोजर चलाकर गिरा देने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने भी इस मामले में राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधा है.

राजे ने ट्वीट करके कहा कि "विकास के बहाने सालासर बालाजी के तोरण द्वार को तोड़ना और राम दरबार को ध्वस्त करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है. क्या कांग्रेस सरकार का ये ही विकास है?". इससे पहले केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया गहलोत सरकार को घेर चुके हैं. सालासर-सुजानगढ़ मार्ग को चौड़ा करने के लिये ठेकेदार की ओर से 15 मार्च की रात को तोड़े गये इस प्रवेश द्वार को लेकर बीजेपी और हिन्दू संगठन काफी आक्रोशित हैं. वहीं इसको लेकर सियासत तेज होती जा रही है.
उपनेता प्रतिपक्ष एवं चूरू विधायक राजेन्द्र राठौड़ पहले ही इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दे चुके हैं. वहीं विभिन्न हिन्दू संगठनों ने भी इस मामले में आक्रोश जताते हुये आंदोलन की चेतावनी दी है. उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा राम दरबार को बुलडोजर से गिराना शर्मनाक है. बीजेपी सदन में इस मुद्दे को उठाएगी. दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगी.
करोड़ों हिंदुओं की आस्था का अपमान हुआ है. वहीं बीजेपी विधायक रामलाल शर्मा ने कहा गलती इंसान से होती है. लेकिन गलती को स्वीकार करना चाहिए. कांग्रेस गलती स्वीकार भी नहीं करती है. जब गेट बना तब मूर्ति विधि विधान से स्थापित की गई थी. उसे विधि विधान से उतारना चाहिए था. जनता सब देख रही है. मुंहतोड़ जवाब देगी. गुनहगार को जल्द सजा मिलनी चाहिए. जनता से माफी मांगते हुए मूर्तियों को पुनर्स्थापित करना चाहिये.
खाचरियावास ने आज किया पलटवार
इस प्रकरण को लेकर घिरी गहलोत सरकार की तरफ से अभी तक कोई बड़ा बयान नहीं आया है. गहलोत कैबिनेट के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कल माना था कि प्रवेश द्वार को हटाने से पहले राम दरबार को उचित तरीके से दूसरे स्थान पर ले जाया जाना चाहिए था.
खाचरियावास ने आज बीजेपी के बयानों पर पलटवार करते हुये कहा कि भगवान राम हमारे सब के मालिक हैं. भगवान राम का हम रोज सम्मान करते हैं. वहां जाम लगने के चलते सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है. मूर्ति को सम्मान के साथ उतारकर गेट हटाना चाहिए था.
अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करेंगे
बकौल खाचरियावास मैंने कहा है कि गेट को वापस बनाओ, माफी मांगो. अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करेंगे. यह मुद्दा कोई कांग्रेस बीजेपी का नहीं है. सबकी भावनाओं का सम्मान होना चाहिए.
जब जयपुर में बड़े-बड़े मंदिर टूट रहे थे तब बीजेपी के लोग क्या कर रहे थे? एक भी व्यक्ति उस वक्त बाहर नहीं आया. उन्होंने आरोप लगाया कि हर मुद्दे पर राजनीति करना बीजेपी की फितरत बन गई है.












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