Rajasthan: रामकथा हमें प्रेम, भक्ति और आस्था का संदेश देती है: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
Rajasthan: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, रामकथा के वाचन से समाज में प्रेम, भाईचारा और सद्भावना का संदेश जाता है, जिसकी वर्तमान समय में सर्वाधिक आवश्यकता है। इस प्रकार की कथाएं देश के कोने-कोने में आयोजित होनी चाहिए। सीएम गहलोत शनिवार को राजसमंद के नाथद्वारा में विश्व की सबसे बड़ी शिव प्रतिमा 'विश्वास स्वरूपम्' के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि विश्व की विशालतम प्रतिमा के रूप में विश्वास स्वरूपम् का निर्माण किया गया है। लगभग दस साल के समय में समर्पण और लगन से निर्मित इस सुन्दर और भव्य शिव प्रतिमा को निर्माताओं द्वारा समाज में एक सकारात्मक सन्देश देने के लिए बनाया गया है। मुख्यमंत्री गहलोत ने इस अवसर पर प्रतिमा का विधिवत रूप से अनावरण और अवलोकन किया। उन्होंने इस दौरान आयोजित रामकथा में प्रसिद्ध कथा वाचक मुरारी बापू का हार्दिक अभिनन्दन किया। उन्होंने 369 फीट ऊंची विश्वास स्वरूपम् प्रतिमा के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाने वाले मदन पालीवाल की सराहना की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर रामकथा का श्रवण भी किया।
बापू की हर कथा एक संदेश देती है : गहलोत
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मौके पर कहा कि मुरारी बापू की हर कथा एक संदेश देती है। रामकथा प्रेम एवं भाईचारे का संदेश देती है, जिसकी आज आवश्यकता है। मुरारी बापू एवं मदन पालीवाल का रिश्ता तर्क से परे है। मदन पालीवाल 36 वर्षो से बापू की न सिर्फ अनोखी सेवा कर रहे हैं। बल्कि लोगों में भक्ति भाव भी पैदा करते हुए समाज सेवा कर रहे हैं।
विश्वास स्वरूपम् की स्थापना
विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा, दस साल की निरन्तर मेहनत और समर्पण से नाथद्वारा में विश्वास स्वरूपम् की स्थापना की गई है। नगरीय विकास मंत्री शान्ति धारीवाल ने कहा कि कड़े परिश्रम से इतनी सुन्दर शिव प्रतिमा का निर्माण नाथद्वारा में किया गया है, जो विश्व की सबसे बड़ी शिव प्रतिमा है। उन्होंने कहा कि नाथद्वारा में विकास कार्यों के लिए किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।












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