पंजाब: भगवंत मान सरकार ने हासिल की एक और बड़ी उपलब्धि, 25 प्रतिशत गांव बने ओडीएफ प्लस
पंजाब की भगवंत मान सरकार ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पंजाब के 25 प्रतिशत से अधिक गांव ओडीएफ प्लस बन गए हैं। प्रदेश सरकार के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। पंजाब सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत मील का पत्थर स्थापित किया है।
कैबिनेट मंत्री ब्रह्म शंकर जिंपा ने कहा कि राज्य के 25 प्रतिशत से अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस का दर्जा मिला है। उन्होंने कहा कि अब तक 3028 गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किया जा चुका है।

बता दें कि ओडीएफ प्लस गांव ऐसे हैं, जिन्होंने ठोस या तरल अवशेष प्रबंधन प्रणालियों को लागू करने के साथ-साथ खुले में शौच मुक्त स्थिति को बरकरार रखा है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि अब तक राज्य के 3028 गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किया गया है, जो 2024-25 तक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के दूसरे पड़ाव के लक्ष्यों को प्राप्त करने की ओर बड़ा कदम है।
मानसा जिले में बेहतर कार्य प्रणाली
उन्होंने कहा कि ओडीएफ प्लस गांवों की प्रतिशतता के संबंध में बेहतर कार्यप्रणाली वाले जिलों में मानसा (60.85 फीसदी), बरनाला (56.56 फीसदी), बठिंडा (42.39 फीसदी), गुरदासपुर (36.64 फीसदी), मालेरकोटला (31.67 फीसदी) और एसएएस नगर (32.14 फीसदी) शामिल हैं।
पंजाब के 3028 ओडीएफ प्लस गांवों में से 71 मॉडल गांव भी
उन्होंने आगे कहा कि इन जिलों ने ओडीएफ प्लस का दर्जा प्राप्त करने में बेमिसाल प्रगति दिखाते हुए मील का पत्थर हासिल किया है। ओडीएफ प्लस घोषित करने में गांव के लोगों ने अहम भूमिका निभाई है। राज्य के 3028 ओडीएफ प्लस गांवों में से 71 मॉडल गांव भी हैं। गांव वाले कम से कम कूड़ा, कम से कम खड़ा गंदा पानी और सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक का कूड़ा-कर्कट न करने पर विशेष जोर दे रहे हैं।
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