CJP Movement को मिला ठाकरे पिता-पुत्र का साथ, केंद्र सरकार को युवाओं की अनदेखी न करने की दी सलाह
CJP Movement: देशभर में परीक्षा संबंधी कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों और युवाओं का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के समर्थन में केंद्र सरकार से उनकी मांगों को गंभीरता से सुनने की अपील की है।
युवाओं की आवाज सुनने की अपील
उद्धव ठाकरे ने कहा कि जंतर-मंतर पर जुटे युवा देश के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनकी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को प्रदर्शनकारियों की मांगों पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए।

गर्मी में प्रदर्शन कर रहे युवाओं के प्रति जताई चिंता
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत द्वारा फेसबुक पर साझा की गई पोस्ट में ठाकरे ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच युवा अपने अधिकारों और जवाबदेही की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों की भी आलोचना की और कहा कि ऐसी प्रतिक्रियाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं।
NEET समेत कई परीक्षाओं को लेकर उठे सवाल
प्रदर्शन कर रहे युवाओं का आरोप है कि NEET, CUET, CBSE से जुड़ी परीक्षाओं और SSC भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएं हुई हैं। खास तौर पर कथित NEET पेपर लीक मामले ने छात्रों और अभिभावकों के बीच गहरी चिंता पैदा की है। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।
आदित्य ठाकरे ने भी दिया समर्थन
महाराष्ट्र के विधायक आदित्य ठाकरे ने भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि युवाओं का यह आंदोलन जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग का प्रतीक है। उन्होंने उन लोगों की सराहना की जिन्होंने तमाम चुनौतियों के बावजूद प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
CJP के बैनर तले जुटे छात्र और अभिभावक
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में स्कूल और कॉलेज के छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी तथा अभिभावक शामिल हुए। इस प्रदर्शन का आयोजन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों द्वारा किया गया था। यह युवा-नेतृत्व वाला ऑनलाइन आंदोलन विभिन्न परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद सामने आया है।
बढ़ा असंतोष बना चर्चा का विषय
परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर जारी यह विरोध प्रदर्शन देशभर में शिक्षा व्यवस्था पर नई बहस छेड़ रहा है। आने वाले दिनों में सरकार और संबंधित एजेंसियों की प्रतिक्रिया पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत की नजरें टिकी रहेंगी।












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