राजस्थान में शिक्षकों के प्रमोशन पुराने नियमों से ही होंगे, शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला का फैसला
जयपुर, 28 मई। राजस्थान के शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने शिक्षकों के प्रमोशन के लिए पुराने नियमों को वापस लाने का फैसला किया है। 10 हजार से ज्यादा सीनियर शिक्षकों को प्रमोशन की लिस्ट से बाहर किए जाने के कारण शिक्षकों ने इसका काफी विरोध किया, जिसके बाद, राज्य के शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग को नए नियमों पर आधारित प्रमोशन प्रक्रिया को रोकने का निर्देश दिए।

डिपार्मेंट प्रमोशन कमीशन के नए सर्विस नियम के अनुसार एक शिक्षक को तभी प्रमोट किया जा सकता है जब उसने एक ही विषय में ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट किया हो। वहीं आपको बता दें, अधिकांश शिक्षकों ने अपनी शिक्षा दो अलग-अलग विषयों में की है, इसलिए उन्हें प्रमोशन क्राइटेरिया से बाहर रखा गया है।
हालांकि, नया सर्विस नियम RPSC के माध्यम से की जाने वाली भर्ती पर लागू नहीं था। RPSC के माध्यम से भर्ती किए गए शिक्षकों को डायरेक्ट एंट्री के माध्यम से काम पर रखा जाता है। मंत्री कल्ला ने आगे कहा कि प्रमोशन का क्राइटेरिया जो पहले इस्तेमाल किया गया था, वही रहेंगे। हालांकि, वर्तमान में नए नियम अपनाए गए हैं, इसलिए पुराने सर्विस नियमों को राज्य कैबिनेट की ओर से फिर से मंजूरी का आदेश आना जरूरी है।
मंत्री कल्ला ने एक न्यूज वेबसाइट से कहा, "यह पहले से सेवा में मौजूद शिक्षकों के लिए अनुचित था, जिन्हें पुराने सेवा नियमों के आधार पर चुना गया था। सभी प्रकार के शिक्षकों के बीच समानता रखने के लिए, हमने पुराने सेवा नियमों को लागू करने का निर्णय लिया है। निर्णय अभी तक कैबिनेट द्वारा पारित नहीं किया गया है और मुझे यकीन है कि यह जल्द ही इस नियम को पारित कर दिया जाएगा, "
बता दें, हाल ही में, राजस्थान शिक्षा विभाग ने साल 2021 से 22 के लिए लेक्चरर प्रमोशन के लिए एक फाइनल एलिजिबिलिटी लिस्ट जारी की। पुराने नियमों के आधार पर तैयार की गई इस लिस्ट में कहा गया है कि 28,301 सीनियर शिक्षकों को प्रमोट किया गया था। हालांकि, नए नियमों के आने से लिस्ट में संशोधन किया गया है और नई लिस्ट के आधार पर 10,125 शिक्षकों को लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। जिसके बाद केवल 18,176 शिक्षकों को प्रमोशन के लिए योग्य माना गया है।












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