ओडिशा: दो सिंचाई परियोजनाओं को विश्व धरोहर सिंचाई संरचना के रूप में दी मान्यता
अंतर्राष्ट्रीय आयोग ने सिंचाई और जल निकासी पर ओडिशा से संबंधित दो सिंचाई परियोजनाओं को विश्व धरोहर सिंचाई संरचना के रूप में मान्यता दी है।
दो परियोजनाओं में गंजम की जयमंगल एनीकट और मयूरभंज की बालीडीहा सिंचाई परियोजना शामिल है। खास बात है कि इस साल मान्यता प्राप्त कुल चार संरचनाओं में से दो ओडिशा की है।

तमिलनाडु के अनिकोट और आंध्र प्रदेश के प्रकाशम बैराज संरचनाओं को मिली मान्यता
मुख्य सचिव प्रदीप कुमार जेना ने इस पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए विकास आयुक्त और जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनु गर्ग को बधाई दी है। ओडिशा के अलावा तमिलनाडु के श्रीवेकुंठम अनिकोट और आंध्र प्रदेश के प्रकाशम बैराज संरचनाओं को मान्यता दी है।
WHIS श्रेणी के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष अधिकतम दिये जाते हैं चार पुरस्कार
बता दें कि आईसीआईडी उन सिंचाई संरचनाओं के लिए विश्व धरोहर सिंचाई संरचना पुरस्कार प्रदान करता है जो 100 वर्ष से अधिक पुरानी हैं और अभी भी कार्य कर रही हैं। इसमें पुरानी परिचालन सिंचाई संरचनाओं के साथ-साथ अभिलेखीय मूल्य वाली दोनों शामिल हैं। यह मान्यता विश्व धरोहर स्थलों (यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त) की तर्ज पर है। WHIS श्रेणी के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष अधिकतम चार पुरस्कार दिये जाते हैं।
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