Iran prisoners pardon list: अमेरिका के डर से झुका ईरान? 2000 अपराधियों को अचानक क्यों दी गई माफी
Iran prisoners pardon list: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजरायल के साथ जारी टकराव के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह मुज्तबा खामेनेई ने एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने 2,000 से ज्यादा कैदियों की सजा माफ करने, कम करने या बदलने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब देश आर्थिक दबाव, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और घरेलू असंतोष जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है।
ईद-अल-गदीर से पहले लिए गए इस कदम को मानवीय और राजनीतिक दोनों नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे हजारों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

ईद-अल-गदीर से पहले दिया गया बड़ा तोहफा
ईरान में ईद-अल-गदीर शिया मुसलमानों का एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व माना जाता है। इसी मौके से पहले सुप्रीम लीडर ने कैदियों को राहत देने का फैसला लिया। ईरानी परंपरा में धार्मिक अवसरों पर सजा में कमी या माफी देने की व्यवस्था पहले भी देखी गई है। सरकार का मानना है कि ऐसे फैसले समाज में मेल-मिलाप और सुधार की भावना को बढ़ावा देते हैं। इस बार भी त्योहार से पहले हजारों कैदियों और उनके परिवारों को राहत देने की कोशिश की गई है।
न्यायपालिका की सिफारिश पर मिली मंजूरी
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी एजी ने सुप्रीम लीडर से कैदियों को राहत देने की सिफारिश की थी। इसके बाद मुज्तबा खामेनेई ने दया याचिका को मंजूरी दे दी। इस फैसले के तहत कुछ कैदियों की पूरी सजा माफ होगी, कुछ की सजा कम होगी और कुछ मामलों में सजा का स्वरूप बदला जाएगा। यह प्रक्रिया ईरान की कानूनी व्यवस्था के तहत की जा रही है और इसमें तय नियमों का पालन किया जाएगा।
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किन कैदियों को नहीं मिलेगा फायदा?
हालांकि यह राहत सभी कैदियों को नहीं दी गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए गए लोग, जासूसी के आरोप में सजा काट रहे कैदी और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा माने जाने वाले अपराधी इस माफी के दायरे से बाहर रखे गए हैं। ईरानी प्रशासन का कहना है कि यह फैसला केवल उन लोगों के लिए है जिनके मामलों में कानूनी तौर पर राहत देना संभव है। इसलिए सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों में कोई छूट नहीं दी जाएगी।
आर्थिक संकट और प्रदर्शनों से जुड़ा है मामला
दिसंबर 2025 में ईरान के कई शहरों में आर्थिक समस्याओं, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों के बाद हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अमेरिका के लंबे समय से चले आ रहे प्रतिबंधों ने भी ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाया है। ऐसे माहौल में सरकार पर लोगों को राहत देने का दबाव था। माना जा रहा है कि इस फैसले से उन परिवारों को भी राहत मिल सकती है जिनके सदस्य प्रदर्शनों के बाद जेल पहुंचे थे।
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राजनीतिक और सामाजिक संदेश भी अहम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला सिर्फ कानूनी या मानवीय कदम नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी हो सकता है। सरकार देश के भीतर तनाव कम करने और जनता के बीच सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। ऐसे समय में जब ईरान बाहरी दबाव और क्षेत्रीय संघर्षों का सामना कर रहा है, कैदियों को राहत देने का फैसला राष्ट्रीय एकता का संदेश देने वाला माना जा रहा है। इससे सरकार की छवि को भी मजबूती मिल सकती है और जनता के बीच भरोसा बढ़ सकता है।












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