ओडिशा सरकार जल्द लाएगी ओडिशा अंतर्देशीय पोत नियम 2023, जानें क्या है उद्देश्य
ओडिशा हाईकोर्ट नावों और नौकाओं में यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा के लिए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करने वाली तीन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है। जल परिवहन पद्मलोचन राउत ने बुधवार को एक हलफनामे में कहा सरकार यात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही ओडिशा अंतर्देशीय पोत नियम, 2023 लाएगी। बंदरगाह और अंतर्देशीय निदेशक द्वारा उड़ीसा उच्च न्यायालय को यह सूचित किया गया कि राज्य में नदियों, झीलों और जलाशयों में नावों के संचालन को विनियमित करने के लिए ये नियम लाया जा रहा है।

नावों और नौकाओं में यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा के लिए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करने वाली तीन जनहित याचिकाओं पर बुधवार को अदालत ने सुनवाई की।
कोर्ट में जनहित याचिका रोहिना कुमार ने मैती ने 2013 में दायर की थी। दूसरी जनहित याचिका वकील प्रबीर कुमार दास ने 2014 में दायर की थी। वहीं तीसरी याचिका उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेते हुए एक और जनहित याचिका दर्ज की थी।
न्याय मित्र शक्तिधर दास ने पहले अदालत को ये बताया था कि नावों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं के बाद पीड़ित लोगों के उपचार के लिए आज तक कोई कानून नहीं है।
अदालत ने राज्य सरकार को नावों और नौकाओं के संचालन के दौरान दुर्घटनाओं के पीड़ितों को मुआवजा प्रदान करने के लिए कानून की स्थिति पर एक हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया था।
जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान जो सरकार की ओर से हलफनामा पेश किया गया जिसमें राउत ने कहा कि ओडिशा अंतर्देशीय पोत नियम, 2023 को राष्ट्रीय अंतर्देशीय नेविगेशन संस्थान (एनआईएनएल), पटना की सहायता से तैयार किया गया है।
राउत ने कहा ओडिशा अंतर्देशीय पोत नियम, 2023 पास हो जाने के बाद दुर्घटना के कारण नाव यात्रियों की मृत्यु या चोट के लिए ओडिशा अंतर्देशीय पोत नियम, 2023 के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा, राउत ने हलफनामे में कहा।












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