मलेरिया के खिलाफ ओडिशा सरकार ने कसी कमर, 5 साल के समझौते का किया विस्तार
नए समझौते के मुताबिक, बीमारी के स्रोत का पता लगाने और उसके अनुसार कदम उठाने के लिए बीमारी की निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि 2030 तक इसे खत्म किया जा सके।

ओडिशा के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने मंगलवार को मलेरिया नो मोर (एमएनएम) के साथ अपनी साझेदारी को पांच साल के लिए और बढ़ा दिया है। अधिकारियों ने बताया कि ये साझेदारी ओडिशा से इस वेक्टर जनित बीमारी को खत्म करने में मदद करेगी। इस संबंध में ओडिशा सरकार, एनजीओ और उसके सहयोगी संगठन प्रयंतना के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
नए समझौते के मुताबिक, बीमारी के स्रोत का पता लगाने और उसके अनुसार कदम उठाने के लिए बीमारी की निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि 2030 तक इसे खत्म किया जा सके।
वहीं 'प्रयास', जो एक जमीनी स्तर का संगठन है, यह सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि बीमारी की निष्पक्ष रिपोर्टिंग हो, खासकर निजी स्वास्थ्य केंद्रों से आने वाले मामलो में। कोरापुट और मल्कानगिरी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो देश के दो सबसे अधिक मलेरिया प्रभावित जिले हैं।
ओडिशा के स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव अजीत मोहंती ने कहा, '2021-22 में कोरापुट और मल्कानगिरी के दूरदराज के क्षेत्रों में 'मलेरिया साथी' और 'मलेरिया दूत' द्वारा किए गए कार्य अत्यधिक सराहनीय थे और लोगों का जीवन बचाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। एमएनएम के साथ विस्तारित साझेदारी के साथ, मुझे उम्मीद है कि हमारा राज्य बीमारी को खत्म करने के लिए एक नई सफलता हासिल करेगा।'












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