ECI SIR Phase 3 Schedule: 16 राज्यों-3 UT में SIR का थर्ड फेज कबसे शुरू? क्या-क्या हैं तैयारियां?
Election Commission's Special Intensive Revision (SIR) - Phase III: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देशभर की मतदाता सूचियों को और अधिक शुद्ध, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के लिए Special Intensive Revision (SIR) के तीसरे चरण की शुरुआत की घोषणा कर दी है। इस चरण में 16 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं, जहां लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं का घर-घर सत्यापन होगा।
यह अभियान जनगणना की चल रही हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया के साथ समन्वय में चलाया जा रहा है, ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।यह कदम भारतीय लोकतंत्र की नींव 'शुद्ध मतदाता सूची' को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन साथ ही राजनीतिक दलों के बीच बहस और चिंताओं को भी जन्म दे रहा है। आइए इस Explainer में विस्तार से समझते हैं कि SIR क्या है, तीसरा चरण किन राज्यों में कैसे चलेगा?

SIR क्या है? विशेष गहन पुनरीक्षण की जरूरत क्यों पड़ी?
- Special Intensive Revision (SIR) चुनाव आयोग का एक व्यापक अभियान है, जिसमें BLO (Booth Level Officers) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी सत्यापित करते हैं। इसका उद्देश्य:
- मृतक मतदाताओं के नाम हटाना
- स्थानांतरित/डुप्लिकेट नामों को साफ करना
- नए योग्य मतदाताओं (18+ युवा) को जोड़ना
- गैर-नागरिकों या फर्जी नामों को रोकना
भारत में मतदाता सूची की समस्याएं पुरानी हैं कि शहरीकरण, प्रवासन, मौतों की रिपोर्ट न होना और कभी-कभी राजनीतिक लाभ के लिए फर्जी वोटर जोड़ना। SIR को 2002-2004 की मूल सूची को बेंचमार्क मानकर चलाया जा रहा है, जो इसे और अधिक सख्त बनाता है। पहले दो चरणों में 13 राज्यों/UTs में 59 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं को कवर किया गया, जिसमें लाखों नाम हटाए गए। उदाहरण के लिए, कुछ चरणों में 10% तक कमी दर्ज की गई, जिसने विपक्षी दलों को चिंतित किया है।
SIR Phase-III: 16 States-3 UTs Complete List: किन राज्यों और UTs में होगा? पूरी लिस्ट
चुनाव आयोग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर (इनमें मौसम और जनगणना चरण-II के कारण बाद में घोषणा) बाकी देश इस चरण में शामिल है।
- मुख्य राज्य (16): महाराष्ट्र, कर्नाटक, ओडिशा, पंजाब, तेलंगाना, उत्तराखंड, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, हरियाणा आदि (पूर्ण सूची आयोग के Annexure-I में)।
- केंद्र शासित प्रदेश (3): दिल्ली, दादरा-नगर हवेली और दमन-दीव, चंडीगढ़ आदि।
- कुल कवरेज: 36.73 करोड़ मतदाता, 3.94 लाख से अधिक BLO और राजनीतिक दलों के 3.42 लाख Booth Level Agents (BLA)।
चरण-III का पूरा शेड्यूल देखें...
ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर आदि के लिए (1 जुलाई 2026 क्वालिफाइंग डेट):
-
तैयारी, प्रशिक्षण और मुद्रण: 20 मई से 29 मई 2026
- BLO द्वारा घर-घर सत्यापन: 30 मई से 28 जून 2026
- बूथ युक्तिकरण: 28 जून तक
- ड्राफ्ट रोल प्रकाशन: 5 जुलाई 2026
- दावे-आपत्तियां: 5 जुलाई से 4 अगस्त 2026
- अंतिम सूची: 6 सितंबर 2026
- तैयारी: 25 मई से 3 जून 2026
- सत्यापन: 4 जून से 3 जुलाई 2026
- ड्राफ्ट: 10 जुलाई 2026
- दावे-आपत्तियां: 10 जुलाई से 9 अगस्त 2026
- अंतिम सूची: 11 सितंबर 2026
- सत्ताधारी दल (BJP): इसे स्वच्छ चुनावों की दिशा में सकारात्मक कदम मानता है। फर्जी वोटर हटाने से 'एक व्यक्ति, एक वोट' का सिद्धांत मजबूत होगा।
- विपक्ष (INDIA गठबंधन): चिंता है कि बड़े पैमाने पर नाम हटाए जा रहे हैं, खासकर अल्पसंख्यक, गरीब, प्रवासी और मुस्लिम बहुल इलाकों में। कुछ नेता इसे 'वोटर सप्रेशन' का हथियार बता रहे हैं। पश्चिम बंगाल और UP जैसे राज्यों में पिछले चरणों में करोड़ों नाम हटने से विवाद हुआ।
- voters.eci.gov.in या NVSP पोर्टल पर अपना नाम चेक करें।
- Enumeration Form भरें और BLO से संपर्क करें।
- मृतक/स्थानांतरित रिश्तेदारों का नाम हटवाएं।
- नए 18+ सदस्यों को जोड़ें।
- दावे-आपत्ति की अवधि में सक्रिय रहें।
- कुल कवरेज: 36.73 करोड़
- BLO: 3.94 लाख+
- BLA: 3.42 लाख
- अंतिम प्रकाशन: सितंबर 2026
- पहले चरण: 59 करोड़ कवर

Dadra-Nagar Haveli, Daman-Diu: दादरा-नगर हवेली, दमन-दीव आदि के लिए:
पूरी प्रक्रिया सितंबर 2026 तक पूरी हो जाएगी, जो 2027 के विधानसभा चुनावों और भविष्य के लोकसभा चुनावों के लिए तैयार रहेगी।

राजनीतिक दलों की भूमिका: BLA नियुक्ति क्यों जरूरी?
ECI ने सभी दलों से अपील की है कि वे हर बूथ पर Booth Level Agent (BLA) नियुक्त करें। यह प्रक्रिया Participative Exercise है, जिसमें पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दलों की भागीदारी अनिवार्य है।
राजनीतिक नजरिया:
वास्तविकता यह है कि SIR में Deletion के साथ Addition भी होती है। नए युवा वोटर जोड़े जाते हैं, जो लोकतंत्र के लिए अच्छा है।
मतदाताओं के लिए सलाह: क्या करें?
लोकतंत्र की मजबूती या विवाद का नया अध्याय?
SIR चरण-III भारतीय चुनावी प्रक्रिया को आधुनिक और साफ बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। यह सुनिश्चित करेगा कि 2027-2029 के चुनाव अधिक विश्वसनीय हों। हालांकि, राजनीतिक दलों को इसमें सहयोग करना चाहिए, न कि सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप। आखिर में, शुद्ध मतदाता सूची हर नागरिक का अधिकार और कर्तव्य दोनों है। आयोग की यह पहल अगर पारदर्शी तरीके से पूरी हुई, तो यह 'World's Largest Democracy' के लिए मील का पत्थर साबित होगी।













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