क्लबफुट कार्यक्रम के लिए ओडिशा सरकार ने क्योर इंडिया के साथ किया एमओयू का नवीनीकरण
क्लबफुट कार्यक्रम एक संयुक्त समझौता है, जो स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और सामाजिक सुरक्षा व विकलांग व्यक्तियों के अधिकारिता विभाग के बीच किया गया है।

भुवनेश्वरः ओडिशा सरकार ने सोमवार को क्लबफुट कार्यक्रम के लिए क्योर इंटरनेशनल इंडिया (क्योर इंडिया) के साथ अपने समझौता ज्ञापन का नवीनीकरण किया। राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने यह जानकारी दी है। क्लबफुट कार्यक्रम एक संयुक्त समझौता है, जो स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और सामाजिक सुरक्षा व विकलांग व्यक्तियों के अधिकारिता विभाग के बीच किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पोंसेटी पद्धति से क्लबफुट के कारण होने वाली बच्चों की विकलांगता या अक्षमता को दूर करना है।
क्लबफुट नवजात शिशुओं में दुनिया की सबसे आम शारीरिक अक्षमताओं में से एक है, जिसके परिणामस्वरूप पैर अंदर और चारों ओर मुड़ जाते हैं। 4 करोड़ से अधिक की आबादी वाले ओडिशा में अनुमान है कि हर साल लगभग 2000 बच्चे क्लबफुट के साथ पैदा होते हैं। इनमें से कई बच्चे क्लबफुट के साथ ही बड़े होते हैं और वे जीवन भर शारीरिक रूप से विकलांग रहते हैं, और उनमें से अधिकांश को कभी भी शिक्षा का अवसर नहीं मिलता है।
ओडिशा क्लबफुट कार्यक्रम का उद्देश्य उपचार की पोंसेटी पद्धति के माध्यम से क्लबफुट के कारण होने वाले बच्चों में विकलांगता को मिटाना है। कार्यक्रम की शुरुआत दिसंबर 2012 में देश में कार्यरत एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा संगठन, क्योर इंटरनेशनल इंडिया ट्रस्ट (क्योर इंडिया) के साथ ओडिशा सरकार ने एक समझौता ज्ञापन के माध्यम से की थी। इस एमओयू का समय-समय पर नवीनीकरण किया जाता है। अब तक राज्य के 5000 से अधिक बच्चे कार्यक्रम से लाभान्वित हो चुके हैं।












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