ओडिशा सरकार ने OSAM बोर्ड को नॉन-स्टार्टर वेयरहाउस परियोजनाएं छोड़ने को कहा
भुवनेश्वर, 22 जून: राज्य सरकार ने ओडिशा राज्य कृषि विपणन (ओएसएएम) बोर्ड से ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास कोष (आरआईडीएफ) के तहत स्वीकृत सभी परियोजनाओं को छोड़ने के लिए कहा है, लेकिन अभी तक एक गैर-स्टार्टर बनी हुई है।

नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) ने 2014-15 में राज्य को 9.23 लाख टन के संयुक्त भंडारण स्थान के साथ 3,700 ग्रामीण गोदामों के निर्माण के लिए 1,077 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। प्रत्येक गोदाम की प्रस्तावित क्षमता 5,000 टन थी।
सूत्रों ने कहा कि वेयरहाउस इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (डब्ल्यूआईएफ) के लिए 183 करोड़ की राशि मंजूर की गई थी, जो कि आरआईडीएफ के तहत एक कोष है। जिसे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में गोदाम क्षमता विकसित करने के लिए बनाया गया था। चूंकि स्वीकृत परियोजनाओं में से कई 2020-21 तक गैर-स्टार्टर रहीं, आरआईडीएफ की एक उच्च शक्ति समिति ने मार्च 2021 में उन सभी को छोड़ने का फैसला किया।
इसी के तहत वित्त विभाग ने सहकारिता विभाग की बंद की जाने वाली परियोजनाओं की सूची सौंपने को कहा है। गोदाम परियोजनाओं के निष्पादन के लिए नोडल एजेंसी OSAM बोर्ड को उन परियोजनाओं के लिए स्वीकृत धनराशि को सरकारी खाते में जमा करने के लिए कहा गया था। बोर्ड ने उपार्जित ब्याज 29.50 करोड़ रुपये सरकारी खाते में 30 मार्च 2021 को और मूलधन 19.30 करोड़ रुपये उसी वर्ष 5 जुलाई को जमा कराए।












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