मनरेगा को कमजोर कर रही मोदी सरकार, आंकड़े दे रहे गवाही
संघम नेता ने केंद्र से ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए बजट में सालाना 2 लाख करोड़ रुपये आवंटित करने और कृषि मजदूरों को बीमा सुविधा प्रदान करने की भी मांग की है।

तेलंगाना के व्यवसायी कर्मिका संघम (वीकेएस) के जिला सचिव पोन्नम वेंकटेश्वर राव ने कहा केंद्र की भाजपा सरकार बजट में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए धन धीरे-धीरे कम कर रही है।
उन्होंने कहा, 'नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद, केंद्र सरकार योजना के उद्देश्यों को कमजोर करते हुए हर साल धन कम कर रहा है। कांग्रेस सरकार, जिसने आवंटित योजना पेश की थी, उसके पास 1.50 लाख करोड़ रुपये थे, लेकिन मोदी सरकार ने 2023 के लिए आवंटन घटाकर 60,000 करोड़ रुपये कर दिया, जिसमें से 20,000 करोड़ रुपये बकाया हैं।'
वेंकटेश्वर राव ने गुरुवार को यहां संघम की एक बैठक में बोलते हुए शिकायत की कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में इस योजना को वापस ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार तेलंगाना में भी इस योजना को वापस लेने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने खेतिहर मजदूरों से केंद्र की गलत नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने मांग की कि मजदूरों को साल में 200 दिन 600 रुपये प्रतिदिन के वेतन पर काम दिया जाए और योजना का विस्तार शहरी क्षेत्रों के मजदूरों तक किया जाए।
संघम नेता ने केंद्र से ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए बजट में सालाना 2 लाख करोड़ रुपये आवंटित करने और कृषि मजदूरों को बीमा सुविधा प्रदान करने की भी मांग की।












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