हरियाणा के महिला एवं बाल विकास विभाग और संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम के बीच हुआ एलओयू
हरियाणा के महिला एंव बाल विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की उपस्थिति में वीरवार को चंडीगढ़ में हरियाणा के महिला एवं बाल विकास विभाग और संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए।
यह एलओयू एकीकृत बाल विकास सेवाओं की पोषण प्रभावशीलता बढ़ाने और राज्य में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए हुआ।

उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग और संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम के बीच पोषण और लिंग सशक्तिकरण के क्षेत्र में विभाग के काम को मजबूत करने के लिए ज्ञान, कौशल और विशेषज्ञता के हस्तांतरण और आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करना है।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक मोनिका मलिक व देश में विश्व खाद्य कार्यक्रम की प्रतिनिधि एलिज़ाबेथ फॉरे के बीच एलओयू का आदान-प्रदान हुआ। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि एकीकृत बाल विकास सेवाओं की पोषण प्रभावशीलता बढ़ाने पर डब्ल्यूएफपी के साथ यह सहयोग हरियाणा में महिलाओं और बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार लाने में काफी मदद करेगा।
यह सहयोग कुपोषण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार के प्रयासों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूसीडी विभाग हरियाणा में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए डब्ल्यूएफपी के साथ जुड़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सतत विकास लक्ष्य 2 यानी भूखमरी समाप्त करने, खाद्य सुरक्षा और बेहतर पोषण प्राप्त करने की दिशा में सरकारी प्रयासों का समर्थन करने के लिए डब्ल्यूएफपी की भूमिका की सराहना की।
डब्ल्यूएफपी अनुसंधान के माध्यम से टीएचआर की पोषक संरचना विकसित करने में हरियाणा सरकार का समर्थन करने के लिए तत्पर है। डब्ल्यूएफपी शिशु और युवा बाल आहार में सुधार और कुपोषण को रोकने के लिए एक अनुकरणीय और प्रदर्शन योग्य मॉडल विकसित करने में विभाग के प्रयासों का समर्थन करेगा। दोनों संस्थाएं लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण परियोजना प्रशिक्षण मॉड्यूल के लिए पाठ्यक्रम सामग्री को विकसित और प्रासंगिक बनाएंगी, जिससे समुदाय के लिंग संवेदीकरण में विभाग के प्रयासों को मजबूत किया जा सके।












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