हैदराबाद मेट्रो के प्रस्ताव को खारिज करने पर भड़के केटीआर, केंद्र पर साधा निशाना
केंद्र सरकार ने कहा, 'यहां पीक ऑवर पीक डायरेक्शन ट्रैफिक और राइडरशिप बहुत कम है और ये कारण इस समय मेट्रो रेल परियोजना को उचित नहीं ठहराते हैं।'

हैदराबाद मेट्रो चरण- II के प्रस्ताव को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की तरफ से खारिज करने के मामले पर तेलंगाना के मंत्री केटी रामाराव ने आपत्ति जताई है। केटी रामाराव ने इस संबंध में मंगलवार को केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पुनर्विचार करने के लिए एक पत्र लिखा।
केंद्र सरकार की तरफ से व्यवहार्यता के आधार पर लकड़ीकापुल से भेल और नगोले से एलबी नगर तक मेट्रो के विस्तार को मंजूरी देने से इनकार की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए केटी रामाराव ने कहा, 'यह बहुत अजीब है कि केंद्र सरकार, जिसने कम यातायात वाले कई शहरों में मेट्रो परियोजनाओं को मंजूरी दी थी, उसी केंद्र सरकार को लगता है कि मेट्रो रेल परियोजना के लिए हैदराबाद योग्य नहीं है।'
आपको बता दें कि हैदराबाद मेट्रो चरण-द्वितीय परियोजना के लिए वित्तीय सहायता की मांग करने वाले तेलंगाना सरकार के पहले पत्र के जवाब में, केंद्र सरकार ने कहा, 'यहां पीक ऑवर पीक डायरेक्शन ट्रैफिक (पीएचपीडीटी) और राइडरशिप बहुत कम है और ये कारण इस समय मेट्रो रेल परियोजना को उचित नहीं ठहराते हैं।'
केटी रामाराव ने कहा, 'केंद्र सरकार का फैसला और कुछ नहीं बल्कि तेलंगाना के खिलाफ घोर भेदभाव है। अगर हैदराबाद के हाई-डेंसिटी कॉरिडोर का ट्रैफिक मेट्रो रेल परियोजना के लिए योग्य नहीं है, तो मुझे आश्चर्य है कि यूपी के लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, मेरठ जैसे कई छोटे शहर और बीजेपी के कुछ पसंदीदा राज्यों में स्थित शहर कैसे योग्य हैं। यह और कुछ नहीं बल्कि हैदराबाद और तेलंगाना के साथ शुद्ध भेदभाव और सौतेला व्यवहार है।'












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