तेलंगाना: किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस से आर-पार के मूड में बीआरएस, केटीआर ने दी खुली बहस की चुनौती
तेलंगाना के मंत्री और भारत राष्ट्र समिति के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने किसानों को मुफ्त बिजली के मुद्दे पर शनिवार को प्रदेश कांग्रेस को खुली बहस की चुनौती दी।
टेलीकांफ्रेंस के जरिए पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए केटीआर ने कहा, 'मैं चाहता हूं कि हर किसान तक संदेश पहुंचाकर, कृषि क्षेत्र को मुफ्त बिजली से वंचित करने के कांग्रेस के भयावह मंसूबों का पर्दाफाश किया जाए।'

केटी रामाराव ने कहा कि इस मकसद को पूरा करने के लिए 17 जुलाई से दस दिनों के लिए राज्य के प्रत्येक रायथु वेदिका को आयोजन स्थल बनाकर किसानों के साथ व्यापक रूप से बैठकें आयोजित की जानी चाहिए। संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के विधायकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ये बैठकें सफल साबित हों। इसके लिए जरूरी है कि प्रत्येक बैठक में कम से कम हजारों की संख्या में किसानों की भागीदारी होनी चाहिए।
केटीआर ने आगे कहा, 'रायथू वेदिका में इकट्ठा होने वाले किसान बीआरएस सरकार द्वारा दिए गए मुफ्त बिजली के लाभ से वंचित करने के कांग्रेस पार्टी के कदमों की निंदा करते हुए प्रस्ताव अपनाएंगे। वे इस मामले में कांग्रेस के उन नेताओं से माफी की मांग करेंगे, जिन्होंने कृषि क्षेत्र को कुछ घंटों की बिजली आपूर्ति की बात करके उनका अपमान करने की कोशिश की है।'
उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि बीआरएस का एक-एक कार्यकर्ता किसानों को तीन घंटे की बिजली आपूर्ति के प्रभावों के बारे में जागरूक करें। केटीआर ने कहा कि बीआरएस सरकार 70 लाख किसानों के जीवन में आवश्यक बदलाव लाने के लिए किसानों के कल्याण को बढ़ावा देते हुए कृषि क्षेत्र के विकास का समर्थन करना जारी रखेगी।












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