दिल्ली में सीएम केजरीवाल से मिले कश्मीरी पंडित, कहा- हमारे साथ सिर्फ वोट बैंक की राजनीति हुई

नई दिल्ली, 25 मई: दिल्ली में रह रहे विस्थापित कश्मीरी पंडितों का एक दल आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने उनके आवास पर पंहुचा। ये लोग ग्रेटर कैलाश से आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज के साथ सीएम अरविंद केजरीवाल से मिलने पहुंचे थे। कश्मीरी पंडितों ने सीएम अरविंद केजरीवाल से उनके आवास पर मुलाकात के दौरान कहा कि हम आपसे मिलने के लिए बहुत उत्सुक थे। उन्होंने कहा कि हम लोग बहुत ही हतोत्साहित और चिंतित हैं। हमारे साथ सिर्फ राजनीति होती रही है। अभी तक हम लोगों के साथ सिर्फ वोट की राजनीति होती आई है।

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इस पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमें आप अपना बड़ा भाई समझें। हम आपके साथ हमेशा खड़े हैं। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम आप लोगों की सारी समस्याओं का समाधान कराएंगे। दिल्ली में बेघर लोगों के लिए हम लोगों ने बहुत सारे नाइट शेल्टर बनाए हैं। दिल्ली में जो भी बेघर लोग रहते हैं, वे किसी के भी वोट बैंक नहीं होते हैं और हम लोग वोट बैंक की राजनीति भी नहीं करते हैं।

कश्मीरी पंडितों ने सीएम के सामने रखीं समस्याएं

इस दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल के सामने कश्मीरी पंडितों ने अपनी समस्याएं भी रखी। सीएम अरविंद केजरीवाल ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया और निर्देश दिया कि दिल्ली में रह रहे विस्थापित कश्मीरी पंडितों की सभी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि इनकी आईएनए के पास कुछ दुकानें शिफ्ट की गई हैं. वहां बिजली की समस्या है, जिसका शीघ्र समाधान किया जाए। सीएम ने निर्देश दिया कि अगर वहां ट्रांसफार्मर नहीं है, तो ट्रांसफार्मर लगा दिया जाए. उसमें जो भी खर्चा आए, वो सरकार द्वारा दिया जाए. साथ ही, जिन 17 लोगों की दुकानें शिफ्ट की गईं हैं, उनका मुआवजा रुका हुआ है, तो उसे भी जल्द से जल्द जारी करा दिया जाए।

बार-बार विस्थापन की मार झेल रहे

इस दौरान कश्मीरी पंडितों ने अरविंद केजरीवाल को एक ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि हमें पीडब्ल्यूडी फ्लाईओवर डिवीजन द्वारा आईएनए बाजार में स्थानांतरित कर दिया गया है, लेकिन नए आवंटित कश्मीरी प्रवासी बाजार को बिजली कनेक्शन नहीं मिल पाया है। बिजली कंपनी ने हमारी 36 दुकानों को बिजली देने के बजाय बिजली स्थापना और बिजली कनेक्शन के लिए अफोर्डेबल राशि की मांग की है। हम विस्थापित कश्मीरी हैं और बार-बार विस्थापन का शिकार हुए हैं। कश्मीरी विस्थापितों के लिए इतनी बड़ी राशि का भुगतान करना संभव नहीं है। बार-बार अव्यवस्थाओं के कारण हमारे व्यवसायों को भी बहुत नुकसान हुआ है। साथ ही उन्होंने कहा कि हमें दुकानों की शिफ्टिंग के बदले मुआवजे का भी वादा किया गया था। अन्य बाजारों को प्रति दुकान मुआवजा मिला है। लेकिन हमें वस्तु या नकद के रूप में कोई राहत नहीं दी गई है। हमें उम्मीद है कि दिल्ली सरकार इस मामले को व्यक्तिगत रूप से देखेंगे और 36 दुकानों को बिना किसी देरी के मुआवजे के साथ बिजली कनेक्शन देने के लिए विभागों को निर्देशित करेंगे।

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