Jharkhand: पूरे महीने होगा पारा शिक्षकों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, शिक्षा मंत्री ने दिए निर्देश
राज्य के 61 हजार पारा शिक्षकों में से लगभग 50 हजार पारा शिक्षकों (अब सहायक शिक्षक) के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी हो गयी है। 11 हजार पारा शिक्षकों के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का काम बाकि रह गया था।

राज्य के 61 हजार पारा शिक्षकों में से लगभग 50 हजार पारा शिक्षकों (अब सहायक शिक्षक) के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी हो गयी है। 11 हजार पारा शिक्षकों के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का काम बाकि रह गया था। पर अब इन शेष शिक्षकों का भी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हो जाएगा। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने 31 जनवरी तक बचे हुए पारा शिक्षकों के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पूरा करने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि 31 जनवरी के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन नहीं किया जाएगा। शिक्षामंत्री जगरनाथ महतो के आदेश के बाद पारा शिक्षकों को मौका मिला है।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद 250 लोगों ने छोड़ी नौकरी
बताते वलें कि पारा शिक्षकों के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अप्रैल महीने से चल रही है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में गलत पाए जाने के डर से प्रक्रिया में शामिल होने के बाद लगभग 250 पारा शिक्षकों ने नौकरी छोड़ दी है। कई एफआइआर होने के डर से प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए हैं। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार सही सर्टिफिकेट नहीं होने की वजह से शिक्षकों ने नौकरी छोड़ दी है। ऐसे शिक्षकों को अब मानदेय का भुगतान नहीं किया जाएगा। बताते चलें कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आकलन परीक्षा लिया जाएगा। ऐसे में लक्ष्य निर्धारित कर जनवरी में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पूरा कर लिया जाए।
आकलन परीक्षा पास करने पर ही बढ़ेगा मानदेय
पारा शिक्षकों के लिए आकलन परीक्षा देना इसलिए जरूरी है क्योंकि इसी परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर उनके मानदेय में सालाना बढ़ोत्तरी की जाएगी। पारा शिक्षकों की नियमावली बनने के बाद अब तक एक बार भी आकलन परीक्षा नहीं लिया जा सका है। जैक इस परीक्षा के आयोजन को लेकर तैयारी कर रहा है।
रद्द नियमावली के बाद पारा शिक्षकों की नियुक्ति की हो रही बात
बताते चलें कि राज्य में बनी जिस नियोजन नीति के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति होनी थी, वह रद्द कर दी गयी है। ऐसे में जब तक नयी नियोजन नीति धरातल पर नहीं आती तब तक बच्चों की पढ़ाई में बाधा न हो इसके लिए पारा शिक्षकों को नियुक्त करने की बात चल रही है। इनकी नियुक्ति दिल्ली व गोवा की तर्ज होगी। इसमें प्रशिक्षित और टेट पास अभ्यर्थियों को मौका दिया जाएगा। उन्हें वर्तमान में कार्यरत सहायक अध्यापकों (पारा शिक्षकों) के समान 22,500 का मानदेय दिया जाएगा। जब शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति हो जाएगी, तब इनकी सेवा समाप्त हो जाएगी। उनकी नियुक्ति इसी शर्त पर किए जाने पर विचार चल रहा है।












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