'बढ़ाई जाए आंध्र प्रदेश की क्रेडिट सीमा', सीएम जगन ने केंद्रीय मंत्री सीतारमण से किया आग्रह
जगन ने वित्त मंत्री को सूचित किया कि राज्य की ऋण सीमा 2021-22 में 42,472 करोड़ रुपये से घटाकर 17,923 करोड़ रुपये कर दी गई है जिसमें सरकार की कोई गलती नहीं है और उन्होंने इसे तुरंत बढ़ाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की और राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (नरेगा) के 2,500 करोड़ रुपये के बकाया को जारी करने के अलावा क्रेडिट सीमा बढ़ाने का आग्रह किया। राष्ट्रीय राजधानी के दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री ने सीतारमण के सामने राज्य से जुड़े मुद्दों को उठाया।
जगन ने वित्त मंत्री को सूचित किया कि राज्य की ऋण सीमा 2021-22 में 42,472 करोड़ रुपये से घटाकर 17,923 करोड़ रुपये कर दी गई है, जिसमें सरकार की कोई गलती नहीं है और उन्होंने इसे तुरंत बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने वित्त वर्ष 2014-15 के लिए रिसोर्स गैप फंडिंग के तहत राज्य को 36,625 करोड़ रुपये की लंबित राशि जारी करने का भी सीतारमण से आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने सीतारमण से वित्त वर्ष 2014-15 के लिए रिसोर्स गैप फंडिंग के तहत 36,625 करोड़ रुपये की लंबित राशि राज्य को जारी करने, पोलावरम परियोजना के निर्माण में तेजी लाने के लिए तदर्थ आधार पर तुरंत 10,000 करोड़ रुपये और अन्य 2,020 करोड़ रुपये जारी करने का आग्रह किया।
जगन मोहन ने कहा, "राज्य ने अब तक अपने खजाने से पोलावरम परियोजना पर 2,600.74 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।" मुख्यमंत्री ने उनसे राज्य को विशेष दर्जा देने के वादे को लागू करने का भी आग्रह किया। हालांकि यह उम्मीद की जा रही थी कि मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात करेंगे, लेकिन बैठक नहीं हो सकी। गौरतलब है कि सीएम ने बुधवार रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के लंबित प्रावधानों को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की, जो 2014 से लंबित हैं।












Click it and Unblock the Notifications