रांची में गांवों में जमीन व मकान महंगे, एक अगस्त से नई दरें लागू
रांची, 01 अगस्त: अगर आप रांची के ग्रामीण क्षेत्र में घर बनाने की सोच रहे हैं तो आपको अपनी जेब ढीली करनी होगी। एक अगस्त से नई दर लागू हो जाएगी। स्टांप और निबंधन शुल्क में बढ़ोतरी के कारण अब आपको जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन-मकान की कीमत में पांच से 10 प्रतिशत तक अधिक कीमत देनी होगी। इसको देखते हुए हिनू एवं मोरहाबादी स्थित अवर निबंधक कार्यालय में अन्य दिनों की अपेक्षा प्रापर्टी की अधिक रजिस्ट्री हुई। देर शाम तक दोनों रजिस्ट्री कार्यालय में भीड़ लगी रही।

हिनू स्थित रजिस्ट्री कार्यालय (ग्रामीण) में शुक्रवार को 74 डीड की रजिस्ट्री की गई जबकि गुरुवार को 88 डीड की रजिस्ट्री हुई थी। वहीं मोरहाबादी स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में 50 डीड की रजिस्ट्री की गई। अन्य दिनों में यह संख्या 20 के करीब ही रहता है। अवर निबंधक कार्यालय हिनू (ग्रामीण) में शनिवार को 92 डीड की रजिस्ट्री हुई। मोरहाबादी स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में 28 डीड की रजिस्ट्री हुई।
ग्रामीण इलाके की जमीन की कुछ डीड की रजिस्ट्री कचहरी स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में भी हुई। 31 अगस्त को रविवार होने के कारण निबंधन कार्यालय बंद रहेगा। ऐसे में अब एक अगस्त से नई दर पर रजिस्ट्री होगी। भू-राजस्व एवं निबंधन विभाग प्रत्येक दो साल पर जमीन-मकान की खरीद बिक्री के लिए न्यूनतम मूल्य तय करता है। इस बार ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ोतरी की गई है। पिछले साल शहरी क्षेत्र की जमीन और मकान की कीमतों में वृद्धि की गई थी। मकान को तीन और जमीन को चार श्रेणियों में बांटा गया है।
मकान को कच्चा, पक्का और डीलक्स संरचना के आधार पर विभाजित किया गया है। वहीं जमीन को कृषि, औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय कार्य में बांटा गया है। इसी के आधार पर मूल्य तय किए गए हैं। रजिस्ट्री के दौरान सरकार द्वारा तय मूल्य का सात प्रतिशत स्टांप और निबंधन शुल्क के रूप में भुगतान करना पड़ता है। इसमें बढ़ोतरी से स्टांप और निबंधन शुल्क ज्यादा लगेगा।












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