Jharkhand Hockey: हॉकी झारखंड ने लगातार दूसरे साल हरियाणा को हराया
रांची। 15 से 26 फरवरी 2023 तक काकीनाडा आंध्र प्रदेश में आयोजित 13वीं हॉकी इंडिया सीनियर महिला राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप 2023 में तीसरे और चौथे स्थान के लिए खेले गए मैच में हॉकी झारखंड

रांची। 15 से 26 फरवरी 2023 तक काकीनाडा आंध्र प्रदेश में आयोजित 13वीं हॉकी इंडिया सीनियर महिला राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप 2023 में तीसरे और चौथे स्थान के लिए खेले गए मैच में हॉकी झारखंड की महिला टीम ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी हॉकी हरियाणा को 2-1 गोल से हराकर लगातार दूसरे वर्ष कांस्य पदक हासिल किया। पिछले साल भी झारखंड टीम ने हरियाणा को ही पराजित करके कांस्य पदक जीता था। झारखंड टीम की ओर से आज के मैच में रोशनी डुंगडुंग 25वें मिनट ने तथा रेशमा सोरेंग ने 59वें मिनट में एक-एक फील्ड गोल किये। जबकि हॉकी हरियाणा की ओर से मैच के अंतिम मिनट के अंतिम पल में देविका सेन ने फील्ड गोल कर झारखंड के 2-0 जीत के अंतर को कम करते हुए 2-1गोल कर दी।
ये है झारखंड टीम
अंजली बिंझिया, सोनल मिंज, रोपनी कुमारी, रीमा बखला, रेशमा सोरेंग, कौशल्या कुमारी, सम्मी बड़ा, स्मिता मिंज, दीप्ति कुल्लू, दीप्ति टोप्पो, नीतू कुमारी, सुभाषी हेमरोम, काजल बड़ा, अलबेला रानी टोप्पो, वेतन डुंगडुंग, एलिन डुंगडुंग, रोशनी डुंगडुंग, अलका डुंगडुंग, कोच बिगन सोय, मैनेजर दुलारी टोपनो।
झारखंड टीम के कांस्य पदक जीतने पर हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोलानाथ सिंह ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा जूनियर, सब जूनियर स्तर में तो हमारी टीम लगातार पदक जीतती आ रही थी, परंतु सीनियर में हमारे ज्यादातर खिलाड़ी जिस विभाग में नौकरी करते हैं उस विभाग से खेलते हैं जिस कारण पदक नहीं आ रहा था, लेकिन पिछले वर्ष से हमारे खिलाड़ी लगातार दूसरे वर्ष पदक जीत रहे हैं और इंडिया टीम में भी आ रहे हैं। यह झारखंड हॉकी के लिए बहुत ही अच्छी खबर है। आज के मैच में काकीनाडा स्टेडियम में हॉकी इंडिया के महासचिव सह हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोलानाथ सिंह, भारतीय टीम की चयनकर्ता असुंता लकड़ा, विजयशंकर सिंह, रजनीश कुमार, अरविंद सिंह, रणधीर कुमार ने भी उपस्थित होकर खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित किया।
हॉकी प्लेयर्स को उनका अधिकार दे सरकार: मनोज कोनबेगी
हॉकी झारखंड के उपाध्यक्ष सह हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि हमारे झारखंड के खिलाड़ी लगातार मेहनत कर रहे हैं। इस कांस्य पदक विजेता झारखंड टीम में शामिल सुभासी हेमरोम, नीतू कुमारी, स्मिता मिंज, वेतन डुंगडुंग हॉकी प्रशिक्षण केंद्रों से निकाल दिए जाने के बाद अपने घरों में रहकर खुद से मेहनत कर रहे हैं और झारखंड टीम से खेलते हुए लगातार पदक जीत रहे हैं। झारखंड सरकार द्वारा पिछले 10-12 वर्षों में सिर्फ 2 महिला हॉकी खिलाड़ी बिगन सोय और बिरसी मुंडू को नौकरी मिली है। जबकि कई खिलाड़ी अन्य प्रदेशों के रेलवे, सीआरपीएफ, एसएसबी, इंडियन ऑयल इत्यादि में नौकरी करते हुए अन्य प्रदेशों से खेल रहे हैं। यदि इन्हें झारखंड में नौकरी दी जाती तो आज झारखंड का कांस्य पदक नहीं वरन स्वर्ण पदक कोई रोक नहीं सकता था। पर झारखंड सरकार नौकरी तो दूर की बात पिछले 2 वर्षों से जो इनका अधिकार है किसी भी प्रतियोगिता में जीतने के लिए नकद पुरस्कार एवं छात्रवृत्ति तक भी नहीं दे रही है। सरकार से मेरा निवेदन है कि पिछले 2 वर्षों का नकद पुरुस्कार और छात्रवृति के लिए जो भी हॉकी खिलाडिय़ों के आवेदन है उन्हे उनका अधिकार दिया जाए।












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