दिल्ली के स्कूलों में हेल्थ क्लिनिक की हुई शुरुआत, जानें बच्चों को मिलेगी क्या-क्या सुविधाएं
दिल्ली सरकार का बच्चों को तोहफा: स्कूलों में हेल्थ क्लिनिक की शुरुआत, मिलेंगी ये सुविधाएं
नई दिल्ली, 8 मार्च 2022: दिल्ली सरकार ने मोहल्ला क्लीनिक की तर्ज पर अब स्कूलों में आम आदमी स्कूल हेल्थ क्लीनिक शुरू किए हैं। सरकार की ओर से ऐसे 20 क्लीनिक द हंस फाउंडेशन के सहयोग से लागू की गई पायलट परियोजना के तहत खोले हैं। सोमवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने स्वास्थय मंत्री सतेंद्र जैन के साथ मोती बाग स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में इन 20 क्लीनिक का उद्घाटन किया। यह देश के पहले क्लीनिक हैं जो कि बच्चों की शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में काम करेंगे।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इन क्लीनिक का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह पहल शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि आम आदमी स्कूल क्लीनिक मोहल्ला क्लीनिक के मॉडल का विस्तार है। इन्हें हमारे स्कूली छात्रों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। दिल्ली सरकार ने इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल, बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड की सीएसआर पहलों से इस परियोजना की शुरुआत की है।
आम आदमी स्कूल क्लीनिक में छात्रों को उनके स्वास्थ्य पोर्टफोलियो के रखरखाव के लिए स्वास्थ्य कार्ड दिया जाएगा। इसमें इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट के माध्यम से एक ऑनलाइन वेब पोर्टल पर सारे काम किए जाते हैं। आम आदमी स्कूल क्लीनिक के माध्यम से ई-रिकॉर्ड उसी पोर्टल पर रखा जाएगा। आम आदमी स्कूल क्लीनिक को स्कूल के परिसर के भीतर ही पोर्टा केबिन में बनाया गया है। प्रत्येक क्लीनिक में एक प्रशिक्षित डॉक्टर, नर्स, मनोवैज्ञानिक चिकित्सक और एक हेलपिंग स्टाफ होगा। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्या के लिए छात्रों की स्क्रीनिंग नर्स द्वारा की जाएगी। शारीरिक स्वास्थय की समस्या के लिए छात्रों को डॉक्टर के पास और मानसिक समस्या के लिए मनोवैज्ञानिक के पास भेजा जाएगा।
क्लीनिक की विशेषताएं
आम आदमी स्कूल हेल्थ क्लीनिक अत्याधुनिक हैं। स्कूल परिसर के भीतर आसानी से सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं, शीघ्र निदान और उपचार पर विशेष ध्यान, नि:शुल्क परामर्श, नि:शुल्क दवाएं, नि:शुल्क जांच, निशुल्क उपचार, अस्पतालों के लिए रेफरल प्रणाली के साथ नि:शुल्क प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं, योग्य और प्रशिक्षित कर्मचारीय प्रत्येक छात्र का द्विवार्षिक एनीमिया रिकॉर्ड, कुपोषण, मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित तनाव, करियर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रतिदिन 30 छात्रों की स्क्रीनिंग की जाएगी
इन क्लीनिकों में प्रतिदिन 30 छात्रों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इनमें छात्रों के लिए दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति रहेगी। सरकार का मानना है कि कम उम्र में मानसिक समस्याओं का निदान आवश्यक है ताकि छात्रों का जल्द से जल्द इलाज किया जा सके।












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