UP के बेरोजगारों के लिए योगी सरकार का बड़ा प्लान, यूपी कैबिनेट में जल्द पास होगा नया प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी भत्ते को लेकर हमेशा से राजनीति गरमाती रही है, लेकिन अब योगी सरकार इस मोर्चे पर एक ऐसा क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है जिससे सीधे तौर पर करोड़ों ग्रामीण मजदूरों की किस्मत बदल जाएगी। राज्य का ग्राम्य विकास विभाग एक ऐसा नया मसौदा (Draft) तैयार कर चुका है, जिसके तहत ग्रामीण इलाकों में काम न मिलने या खाली बैठने के दिनों में भी मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
इस ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी के लिए बहुत जल्द योगी कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। आइए जानतें हैं इस योजना से यूपी के करोड़ों परिवारों को जुलाई से कैसे सीधा फायदा मिलने वाला है।

ऑफ सीजन में नहीं होगी पैसों की किल्लत
दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार केंद्र की महत्वाकांक्षी विकसित भारत-जी राम जी (VB Jeeramji) योजना को प्रदेश में पूरी तरह लागू करने की तैयारी में है। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि फसलों की बुवाई और कटाई के सीजन के बीच जब मजदूरों के पास खेतों में कोई काम नहीं होता और वे खाली बैठते हैं, तो उस 'नो वर्क' पीरियड के दौरान सरकार उन्हें बेरोजगारी भत्ता देगी। ग्राम्य विकास विभाग की तैयारी के मुताबिक, राज्य में इसे जुलाई 2026 से पूरी तरह से जमीन पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है।
मनरेगा की जगह लेगी 'वीबी जीरामजी' योजना
केंद्र सरकार ने अब पारंपरिक मनरेगा (MGNREGA) के स्थान पर इस नई 'वीबी जीरामजी' योजना की शुरुआत की है। इस केंद्रीय कानून को अब उत्तर प्रदेश अपने नियमों के हिसाब से लागू करने जा रहा है। ग्राम्य विकास विभाग द्वारा तैयार ड्राफ्ट के अनुसार, वर्तमान में मनरेगा के तहत आने वाले सभी मजदूरों को तो इस योजना का लाभ मिलेगा ही, साथ ही बड़े पैमाने पर नए ग्रामीण मजदूरों को भी इससे जोड़ा जाएगा।
100 की जगह अब 125 दिन रोजगार की गारंटी
इस नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार के दिनों की गारंटी को बढ़ा दिया गया है:
- सालाना रोजगार: अब प्रति ग्रामीण परिवार को मिलने वाले 100 दिन के रोजगार को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।
- खेती का सीजन: बुवाई और कटाई के व्यस्त समय के दौरान मजदूरों के लिए 60 दिन का समय तय किया गया है।
- मजदूरी का भुगतान: शेष 305 दिनों में 125 दिन की रोजगार गारंटी मिलेगी। सबसे बड़ी राहत यह है कि दैनिक मजदूरी का भुगतान हर हफ्ते या किसी भी हाल में काम खत्म होने के 15 दिनों के भीतर सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
पूरी तरह डिजिटल होगा पेमेंट, इन कामों को मिलेगी प्राथमिकता
योजना में किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या गड़बड़ी को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मजदूरों को पूरा भुगतान ऑनलाइन डिजिटल मोड में किया जाएगा। इसके अलावा, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लगातार भौतिक सत्यापन (Verification) होगा और खुद मजदूरों से फीडबैक लिया जाएगा।
इस योजना के तहत गांवों में मुख्य रूप से इन विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी:
- जल संरक्षण और पानी से जुड़े कार्य
- कृषि विकास और ग्राउंड वाटर लेवल (भूजल स्तर) सुधारने के काम
- ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण और कनेक्टिविटी बढ़ाना
उत्तर प्रदेश में मनरेगा मजदूरों का मौजूदा आंकड़ा
उत्तर प्रदेश में इस योजना का दायरा कितना बड़ा होने वाला है, इसे आप इन आंकड़ों से समझ सकते हैं:
कुल पंजीकृत मजदूर: 2.43 करोड़
जारी किए गए कुल जॉब कार्ड: 1.82 करोड़
सक्रिय (Active) मजदूरों की संख्या: 1.21 करोड़
सक्रिय जॉब कार्ड धारक: 86.15 लाख















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