June Maliah Love Story: TMC MP को देख दिल हारा तलाकशुदा बिजनेसमैन, 15 साल अफेयर-49 की उम्र में बनीं दुल्हन!
June Maliah Love Story: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में इन दिनों भारी भूकंप चल रहा है। 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी की पार्टी को भारी हार का सामना करना पड़ा। भाजपा ने सुवेंद्र अधिकारी के नेतृत्व में सरकार बना ली। इस हार के बाद टीएमसी के अंदरूनी विद्रोह अब लोकसभा तक पहुंच गया है। करीब 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर एनडीए में शामिल होने या समर्थन देने की इच्छा जताई है। इस विद्रोह में ममता बनर्जी की करीबी और भरोसेमंद नेता जून मालिया भी शामिल हो चुकी हैं।
जून मालिया इस समय सिर्फ सियासी गलियारों में नहीं, बल्कि अपनी रोमांचक प्रेम कहानी के कारण भी सुर्खियों में हैं। अभिनेत्री से सांसद बनीं जून की जिंदगी संघर्ष, स्वतंत्रता और देर से मिले सच्चे प्यार से गुथी हुई है। 15 साल लंबे अफेयर के बाद 49 साल की उम्र में उन्होंने तलाकशुदा बिजनेसमैन सौरव चैटर्जी से शादी की। उनकी यह लव स्टोरी उतनी ही दिलचस्प है, जितना उनका राजनीतिक सफर। आइए इस पूरी कहानी को गहराई से समझते हैं...

TMC का संकट: जून मालिया का विद्रोह क्यों मायने रखता है?
2026 चुनावों में टीएमसी मात्र 80 सीटों पर सिमट गई। हार के बाद 58 विधायकों ने अलग गुट बनाया। अब लोकसभा में भी टूट दिख रही है। जून मालिया जैसी नेता, जिन्हें ममता बनर्जी ने मेदिनीपुर जैसे मुश्किल क्षेत्र से टिकट दिया था, का बागी खेमे में शामिल होना पार्टी के लिए बड़ा झटका है।
8 जून देर रात शताब्दी रॉय के आवास पर सुवेंद्र अधिकारी की मौजूदगी वाली बैठक में जून मालिया भी शामिल हुईं। यह बैठक सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि ममता कैम्प के टूटने का प्रतीक बन गई है। जून की लोकप्रियता, फिल्मी छवि और क्षेत्रीय जुड़ाव उन्हें विद्रोही गुट के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं।
Who Is June Maliah: जून मालिया कौन हैं? अभिनेत्री से सांसद तक का सफर

जून मालिया (June Maliah) का जन्म 24 जून 1970 को कोलकाता में हुआ। मूल नाम June Dobe था। उन्होंने कोलकाता के मॉडर्न हाई स्कूल से पढ़ाई की और 1988 में CBSE ओपन स्कूल से मात्र 10वीं पास की। औपचारिक शिक्षा ज्यादा नहीं, लेकिन प्रतिभा और मेहनत ने उन्हें आगे बढ़ाया।
1990 के दशक से बंगाली फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में एंट्री की। फिल्मों जैसे Hothat Brishti, The Bong Connection, Zulfiqar, Mitin Mashi, Kishmish में काम किया। टीवी सीरियल और रियलिटी शोज में भी सक्रिय रहीं। उनकी पहचान मजबूत, स्वतंत्र महिला किरदारों की रही।
राजनीति में एंट्री:

- महिला मुद्दों और सामाजिक कार्यों से जुड़ाव।
- पश्चिम बंगाल महिला आयोग से जुड़ीं।
- 2021: मेदिनीपुर विधानसभा से TMC टिकट पर विधायक बनीं।
- 2024: मेदिनीपुर लोकसभा सीट से BJP की अग्निमित्रा पॉल को हराकर सांसद बनीं।
मेदिनीपुर BJP का गढ़ रहा है। जून की जीत को ममता बनर्जी की खास पसंद माना गया। लेकिन अब वही जून विद्रोह का हिस्सा हैं।
June Maliah Love Story: 15 साल का सफर, कहां हुई पहली मुलाकात?

जून मालिया की प्रेम कहानी पहली नजर का प्यार नहीं, बल्कि समय, समझ और संघर्ष से निखरा रिश्ता है। 2019 में 49 साल की उम्र में उन्होंने सौरव चैटर्जी से शादी की। दोनों की यह दूसरी शादी थी। पहली मुलाकात (2003-04) में हुई। सौरव मुंबई में रहते थे और काम के सिलसिले में कोलकाता आते-जाते थे। एक क्रिकेट क्लब में कॉमन फ्रेंड्स के जरिए दोनों की मुलाकात हुई। जून उस समय पहले से शादीशुदा थीं और दो बच्चों की मां थीं। सौरव भी पहले शादीशुदा थे। शुरुआत में दोनों एक-दूसरे को पसंद नहीं करते थे।

सौरव ने 2019 को दिए अपने इंटरव्यू में कहा कि मैं अखबार पढ़ता था और उसमें जून मालिया नाम की एक लड़की की तस्वीर देखता था... अखबार खोलते ही उसकी तस्वीर दिखती थी... मैं सोचता था, 'ये लड़की कौन है?' सौरव को जून की तस्वीर अखबार में देखकर जिज्ञासा हुई थी। जून को सौरव का रवैया अजीब लगा। टेलीग्राफ को दिए गए एक इंटरव्यू में जून ने बताया था कि वो क्लब में ऐसे आते थे जैसे मालिक हों। महिलाएं 'सौरव! सौरव! करती थीं।'
कॉल और मैसेज, पहला डिनर, शादी तक पहुंची बात

जून ने अपने इंटरव्यू में यह भी बताया था कि सौरव ने कॉल और मैसेज शुरू किए। फिर उसने मुझे डिनर पर बुलाया। मैंने सोचा, देखते हैं क्या होता है। मुझे उसके एक मैच को देखने के लिए बुलाया गया। उसने इतना खराब प्रदर्शन किया कि मैंने कसम खा ली कि मैं उसके मैच कभी नहीं देखूंगी। दोनों हंसते हुए इन यादों को साझा करते हैं।
क्या यह पहली नजर का प्यार नहीं था?

जून ने यह भी बताया था कि उम्र 33-34 होती है, तो पहली नजर में प्यार नहीं होता। हम दोनों पहले से शादीशुदा थे और समझदार लोग हैं। हमेशा सतर्क रहना पड़ता है... खासकर मैं। हम दोनों अपने-अपने दायरे में ठीक-ठाक थे। मेरे पिताजी का निधन हो गया। वो साल अच्छा नहीं था... 2004-05 मेरे लिए वाकई अच्छा नहीं रहा। मैं जिंदगी को जैसे-तैसे जी रही थी। सौरव ने बताया था कि मुझे लगता है कि विपरीत स्वभाव वाले लोग एक-दूसरे की ओर आकर्षित होते हैं। जब हमने साथ समय बिताना शुरू किया, तो बहुत मजा आया।
हमारी आपस में खूब बनती थी। हम एक-दूसरे की संगति का खूब आनंद लेते थे। शुरू में तो हम सारा समय साथ बिताते थे। मैं उसकी ऊर्जा से बहुत प्रभावित हुआ। वह सुबह जल्दी उठती, दिन भर शूटिंग करती, वापस आती और हम फिर मिलते। एक बेटी और एक मां होने के बावजूद, वह तुम्हारे लिए समय निकाल लेती थी, जो वाकई अद्भुत था।
June Maliah Saurav Chatterjee: 15 साल का अफेयर:
दोनों ने 15 साल तक डेट किया। यह रिश्ता कैजुअल नहीं था। जून स्पष्ट थीं कि वे सिर्फ टाइम-पास नहीं चाहतीं। उनके पिता का निधन हुआ था, जिंदगी मुश्किल दौर से गुजर रही थी। सौरव ने उन्हें इमोशनल सपोर्ट दिया। जून ने बताया था कि मैंने उसे बताया कि मैं कैजुअल रिलेशनशिप में नहीं हूं। मेरे बच्चे बड़े हो रहे थे। या तो पूरा रिश्ता या कुछ नहीं। सौरव ने इसे समझा और स्वीकार किया। जून कहती हैं, 'वो बाकी मर्दों से अलग थे।'
परिवार में कैसी उठी दिक्कतें?
जून एकल मां के रूप में संघर्ष कर रही थीं। समाज में तलाकशुदा, आकर्षक और सफल महिला होने पर नफरत झेलनी पड़ी। लेकिन उनकी मां ने पूरा साथ दिया। सौरव का परिवार उदार था। उनकी बहनों और मां ने जून को तुरंत स्वीकार कर लिया। दोनों पेट डॉग्स (ब्रूनो और डिएगो) के पालक भी हैं।
2019 की शादी: 49 साल में नई शुरुआत
दिसंबर 2019 में कोलकाता में निजी समारोह में दोनों ने शादी की। शादी में परिवार और करीबी दोस्त शामिल थे। बच्चों (शिवांगिनी और शिबेंद्र) ने भी सपोर्ट किया। शादी की खबर के समय एक मजेदार विवाद हुआ। कुछ मीडिया ने गलती से स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के गणितज्ञ Sourav Chatterjee की तस्वीर छाप दी। बाद में स्पष्ट हुआ कि जून के पति कोलकाता के बिजनेसमैन और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट से जुड़े सौरव चैटजी दूसरे शख्सियत है।
June Maliah Life: संघर्ष से सफलता तक
जून ने स्वतंत्रता की कीमत चुकाई। अभिनेत्री के रूप में सफलता, तलाक, एकल मां होना, राजनीति में एंट्री - हर पड़ाव पर चुनौतियां थीं। लेकिन सौरव ने उन्हें मजबूत सहारा दिया। वे कहती कि मैं बदल रही हूं। ज्यादा घरेलू हो गई हूं। सौरव उन्हें प्रोत्साहित करते हैं। दोनों ने एक-दूसरे से बहुत कुछ सीखा, जिम्मेदारी, परिवार का महत्व और समझदारी।
राजनीति और निजी जीवन का मेल, उचित तालमेल!
जून की फिल्मी छवि (मजबूत महिला) और राजनीतिक छवि (महिला सशक्तिकरण) एक-दूसरे से जुड़ी हैं। उनकी लव स्टोरी भी इसी छवि को मजबूत करती है, देर से सही, लेकिन सच्चा प्यार। विद्रोह में उनका शामिल होना कई सवाल खड़े करता है। क्या व्यक्तिगत संतोष अब राजनीतिक फैसलों पर असर डाल रहा है? या पार्टी में जमा असंतोष ही कारण है? जून जैसे चेहरों का जाना टीएमसी के लिए चेतावनी है।
प्यार और राजनीति का अनोखा मेल
जून मालिया की कहानी रोमांच, संघर्ष और नई शुरुआत की है। 15 साल का इंतजार, 49 साल में शादी और अब राजनीतिक विद्रोह, उनकी जिंदगी कभी स्थिर नहीं रही। टीएमसी संकट में उनका रोल पार्टी के भविष्य को प्रभावित करेगा। ममता बनर्जी को अब बड़े फैसले लेने होंगे। बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो चुका है। जून मालिया की लव स्टोरी हमें याद दिलाती है कि जिंदगी में प्यार और करियर दोनों के लिए संघर्ष करना पड़ता है। उनकी कहानी हजारों महिलाओं को प्रेरित करती है, चाहे उम्र कितनी भी हो, सच्चा साथ मिल सकता है। विद्रोह की स्थिति तेजी से बदल रही है। जून मालिया और अन्य बागी सांसदों के अगले कदम पूरे घटनाक्रम को तय करेंगे। बंगाल की जनता इस नाटक को बारीकी से देख रही है।













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