कौन थे ये वीर शहीद? जिनकी मांओं को गले लगाकर राष्ट्रपति मुर्म ने पोंछे आंसू, भावुक कर देगा ये Video
Droupadi Murmu emotional moment, Viral Video: देश के सर्वोच्च वीरता सम्मानों में शामिल 'कीर्ति चक्र' समारोह के दौरान राष्ट्रपति भवन में ऐसे भावुक पल देखने को मिले, जिसने हर भारतीय की आंखें नम कर दी हैं। देश की रक्षा करते हुए प्राण न्यौछावर करने वाले दो वीर शहीदों की मांओं को बेटे की शहादत का गर्व था, लेकिन जब कीर्ति चक्र लेने पहुंची तो मंच पर पहुंचने से पहले ही उनका दर्द आंसुओं के रूप में छलक पड़ा और वो फूटकर रो पड़ीं।
बेटों को याद कर फफक-फफक कर रोती हुई मांओं को देखकर वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो गया। इसी बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रोटोकॉल की सीमाएं तोड़ते हुए मानवता और संवेदना की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने पूरे देश का दिल छू लिया। राष्ट्रपति मुर्मू प्रोटोकॉल तोड़कर खुद मंच से आगे बढ़ीं, शहीदों की मांओं के पास जाकर उन्हें गले लगाया, उनके आंसू पोंछे और उन्हें ढांढस बंधाते हुए उन्हें कीर्ती चक्र सौंपा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन भावुक वीडियोज ने सभी को भावुक कर दिया है।

कौन थे लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी?
सिक्किम स्काउट्स के बहादुर अधिकारी लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी ने 22 मई 2025 को नॉर्थ सिक्किम में ड्यूटी के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया। गश्त के दौरान उन्होंने अपने साथी अग्निवीर स्टीफन सुब्बा की जान बचाने के लिए खुद को खतरे में डाल दिया। कर्तव्य निभाते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया और वीरगति को प्राप्त हुए। इनकी वीरता और निस्वार्थ सेवा के लिए उन्हें मरणोपरांत 'कीर्ति चक्र' से सम्मानित किया गया। सम्मान ग्रहण करते समय उनकी मां की आंखों से छलके आंसुओं ने पूरे हॉल को भावुक कर दिया।
शहीद सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर?
महार रेजिमेंट और 1 राष्ट्रीय राइफल्स के वीर सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर ने जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान अद्वितीय शौर्य दिखाया। 6 जुलाई 2024 को फ्रिसल चिन्नीगाम इलाके में छिपे आतंकियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में उन्होंने दो खूंखार आतंकियों को मार गिराया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वह अंत तक लड़ते रहे और बाद में वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी बहादुरी के लिए उन्हें मरणोपरांत 'कीर्ति चक्र' से सम्मानित किया गया। जब उनकी मां ने सम्मान ग्रहण किया, तो राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें गले लगाकर सांत्वना दी, जिसने पूरे देश को भावुक कर दिया।
शहीद के सम्मान में पीएम मोदी भी हुए भावुक
पीएम मोदी और राजनाथ सिंह भी वहां थे। शहीद के सम्मान में वे नतमस्तक दिखे। हाथ जोड़कर वे नमन करते नजर आए। कुछ देर के लिए सभा पूरी तरह शांत रही। देश इस वीर सपूत को हमेशा सलाम करता है।













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