'भगवा' रंग में रंगी नज़र आई हरियाणा विधानसभा...सदन के कॉरपेट से लेकर ग्रिल का रंग भी भगवा

हरियाणा विधानसभा पर भी 'भगवा रंग' चढ़ गया है। अब इसे संयोग कहें या फिर इसके पीछे कोई और ही कहानी है कि सदन के अंदर आपकी आंखों को भगवा ही नज़र आएगा। जमीन पर बिछाए गए कॉरपेट से लेकर वहां लगी ग्रिल तक पर भगवा रंग किया हुआ था। ई-विधानसभा को लेकर हुई कार्रवाई के बीच सदन में भी सौंदर्यकरण किया गया है। हालांकि यह सब हुआ है नियमों के दायरे में ही। अब कॉरपेट किस रंग का बिछाया जाना है और किसका नहीं, इसे नियमों में बांध भी नहीं सकते। इतना ही नहीं, बरसों के बाद विधानसभा की रूल बुक भी नई छपवाई गई हैं। अहम बता यह है कि रूल बुक का कवर पेज भी भगवा ही रंग का है। हालांकि इस पर अभी तक किसी तरह के सवाल नहीं उठे हैं।
हो सकता है, अभी विपक्ष के विधायकों की सही से नज़र ही न पड़ी हो या यह भी संभव है कि वे जान-बूझकर चुप हों। चूंकि अब कॉरपेट के रंग को बदल पाना तो आसान होगा नहीं। उधर, चीन में कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए हरियाणा के स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री अनिल विज ने पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक के बाद उन्होंने प्रदेश के लोगों से अपील की थी कि वे मॉस्क लगाएं और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाते समय सतर्कता बरतें। अलबत्ता सदन में मौजूद सभी विधायकों को विधानसभा सचिवालय की ओर से एन-95 मॉस्क तो वितरित किए मगर अधिकांश विधायकों के बेंच पर मॉस्क रखे रहे, इस्तेमाल किसी ने नहीं किया।
डिप्टी सीएम दुष्यंत सिंह चौटाला ने जब सदन में एंट्री की तो उन्होंने सर्जिकल मास्क लगाया हुआ था। रेवाड़ी विधायक चिरंजीव राव भी पूरी कार्रवाई के दौरान मास्क लगाए रहे। कलानौर विधायक शकुंतला खटक ने एक बार मॉस्क लगाया, लेकिन बाद में हटा लिया। कुल मिलाकर सदन में ही कोरोना गाइड लाइन की धज्जियां उड़ती नज़र आईं। स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, डिप्टी स्पीकर रणबीर सिंह गंगवा, सीएम मनोहर लाल खट्टर, गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, विपक्ष के नेता व पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित अधिकांश मंत्रियों व विधायकों ने मॉस्क का इस्तेमाल नहीं किया। अधिकारियों की गैलरी में सीएम के मुख्य प्रधान सचिव डीएस ढेसी, अतिरिक्त प्रधान सचिव अनिल मलिक और सीएम के एडवाइजर (सिंचाई) देवेंद्र सिंह ने ही मॉस्क लगाया हुआ था।
गैलरी में दिखे बिश्नोई दंपत्ति
आदमपुर से पूर्व विधायक कुलदीप बिश्नोई और उनकी पत्नी एवं पूर्व विधायक रेणुका बिश्नोई सोमवार को शीतकालीन सत्र के पहली दिन सदन की कार्रवाई देखने पहुंचे। वे स्पीकर दीर्घा में बैठे थे। आते भी क्यों नहीं, उनके बेटे और आदमपुर विधायक भव्य बिश्नोई की सदन में पहली एंट्री जो थी। वे विधानसभा के सबसे युवा विधायक हैं। स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने भव्य का सदन में स्वागत किया और उनके द्वारा विदेशों में की गई पढ़ाई का भी उल्लेख किया। बिश्नोई दंपत्ति की गैलरी में मौजूदगी पर यह चर्चा भी रही कि विधायक रहते हुए कम ही विधानसभा आने वाले अब बेटे के लिए कार्रवाई देखने पहुंच रहे हैं।
जब सीएम ने साहिबजादों की शान में सुनाई कविता
सोमवार को गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों का बलिदान दिवस था। पीएम नरेंद्र मोदी ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया हुआ है। इस दिन का विशेष तौर पर उल्लेख करते हुए सीएम मनोहर लाल खट्टर ने गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों के बलिदान को लेकर सदन में जानकारी दी। उन्होंने दोनों साहिबजादों की शान में कविता भी पढ़कर सदन में सुनाई।
दादा को सुनने पहुंचे पोता-पोती
रानियां (सिरसा) से निर्दलीय विधायक तथा सरकार में बिजली एवं जेल मंत्री चौ़ रणजीत सिंह के परिवार के सदस्य भी सदन की कार्रवाई देखने पहुंचे हुए थे। रणजीत सिंह की पत्नी अपने पोते और पोती को लेकर स्पीकर दीर्घा में मौजूद थीं। माना जा रहा है कि पोता और पोती अपनी दादी के साथ दादा को सुनने के लिए विधानसभा पहुंचे थे।












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