हरियाणा सरकार 26-27 अप्रैल को करेगी दो दिवसीय जल सम्मेलन
सिंचाई और जल संसाधन विभाग और माइक्रो इरिगेशन कमांड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (मिकाडा) ने 2000 ग्रामीण तालाबों के कायाकल्प और सिंचाई में इसके उपयोग का लक्ष्य निर्धारित किया है।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा बागवानी विभाग ने 3.46 लाख एकड़ में अपनाए जाने वाले फसल विविधीकरण (मेरा पानी-मेरी विरासत) का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अलावा, कम से कम एक लाख एकड़ में जलभराव वाले क्षेत्र का सुधार और एग्रो-हाइड्रो- क्लाइमेट जोन के अनुरूप फसल पैटर्न में बदलाव का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग और माइक्रो इरिगेशन कमांड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (मिकाडा) ने 2000 ग्रामीण तालाबों के कायाकल्प और सिंचाई में इसके उपयोग का लक्ष्य निर्धारित किया है। 25 प्रतिशत पानी वर्षा के दौरान इन संरचनाओं में मोड़ा जाएगा, बाढ़ के पानी का पुन: उपयोग, गन्ना, आलू और कपास में शत प्रतिशत सूक्ष्म सिंचाई को अपनाना और बाढ़ के पानी को जमा करने की क्षमता को 5000 क्यूसेक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने गैर-पीने योग्य प्रयोजनों के लिए ट्रीटेड वेस्ट वाटर का उपयोग करने के लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम को संपदाओं और कपड़ा समूहों और 1000 के एल डी से अधिक वाली सभी औद्योगिक इकाइयों में उपचारित अपशिष्ट जल के शत प्रतिशत पुन: उपयोग का लक्ष्य निर्धारित किया है।
नगर एवं ग्राम आयोजना और शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) ने छत पर वर्षा जल संचयन प्रणालियों की निगरानी और रखरखाव तथा वर्षा के जल अपवाह को रोकने के लिए भंडारण संरचनाओं का निर्माण, पार्कों, बगीचों, मैदानों आदि में अपशिष्ट जल का शत प्रतिशत पुन: उपयोग और ग्रुप हाउसिंग कॉलोनियों में अगले दो वर्षों में माइक्रो एसटीपी और दो पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने निर्माण गतिविधियों, रूफटॉप वर्षा जल संचयन प्रणालियों की निगरानी और रखरखाव में उपचारित अपशिष्ट जल का शत-प्रतिशत पुन: उपयोग तथा राज्य में सभी एसटीपी को अपग्रेड करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
बिजली निगमों ने थर्मल पावर प्लांट्स में उपचारित अपशिष्ट जल के शत प्रतिशत पुन: उपयोग का लक्ष्य निर्धारित किया है। जबकि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सभी क्षेत्रों के लिए ट्रीटेड वेस्ट वाटर पैरामीटर अधिसूचित करेगा। इसके अलावा, औद्योगिक इकाई द्वारा अवैध रूप से भूजल निकासी के मामले में सीटीओ रिन्यूअल नहीं करेगा। विकास एवं पंचायत विभाग और हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण ने अगले दो वर्षों के भीतर 18000 तालाबों के कायाकल्प का प्रस्ताव दिया है। मत्स्य विभाग खारे पानी वाले क्षेत्रों में 100 मत्स्य टैंक विकसित करेगा।












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