हरियाणाः नियुक्त होंगे सीवीओ, 24 के नाम सूची में
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के निर्देश पर चीफ विजिलेंस ऑफिसर नियुक्त किए जा रहे हैं। दरअसल भ्रष्टाचार के मामलों की शिकायतों के बाद सीएम ने यह बड़ा कदम उठाया है।

हरियाणा के सरकारी विभागों व बोर्ड-निगमों में भ्रष्टाचारियों पर कड़ी नजर रखने की तैयारी है। सरकार ने पब्लिक डीलिंग और भ्रष्टाचार संभावित विभागों में चीफ विजिलेंस ऑफिसर (सीवीओ) नियुक्त करने की तैयारी की है। चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 24 चीफ विजिलेंस ऑफिसर के नाम शॉर्ट-लिस्ट किए जा चुके हैं। 70 से अधिक अधिकारियों ने इन पदों के लिए आवेदन किया था। सप्ताहभर में इनकी सूची जारी हो सकती है।
मुख्य सचिव संजीव कौशल की अध्यक्षता वाली कमेटी चयन प्रक्रिया पूरी कर रही है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के निर्देश पर चीफ विजिलेंस ऑफिसर नियुक्त किए जा रहे हैं। दरअसल, भ्रष्टाचार के मामलों की शिकायतों के बाद सीएम ने यह बड़ा कदम उठाया है। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो का नाम बदल कर भी एंटी करप्शन ब्यूरो किया जा चुका है। भ्रष्टाचार के मामलों में एंट्री करप्शन ब्यूरो ने भी पिछले कुछ माह से पूरी गति पकड़ी हुई है।
हालांकि कई मामलों में एंटी करप्शन ब्यूरो की फजीहत भी हो चुकी है। कई ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जिनमें आरोपियों को पकड़े जाने के बाद दावे तो बड़े-बड़े किए गए, लेकिन बाद में कुछ निकला नहीं। ऐसे ही एक मामले में हाल ही में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा एक अधिकारी को जमानत दी जा चुकी है। बहरहाल, विभागों व बोर्ड-निगमों में चीफ विजिलेंस ऑफिसर की नियुक्ति करने की तैयारी है। अगले सप्ताह तक इस पर फैसला हो सकता है। सरकार ने तय किया है कि ग्रेड-ए और बी यानी उन विभागों में चीफ विजिलेंस ऑफिसर पहले तैनात होंगे, जहां सबसे अधिक पब्लिक डीलिंग है और पैसों का भी लेन-देन होता है। विभागों के बजट और उनकी महत्त्वता के हिसाब से भी अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इन अधिकारियों की नियुक्ति के लिए बाकायदा विज्ञापन जारी किया गया था। अधिकारियों के लिए आए आवेदनों की छंटनी के बाद 24 सीवीओ को शॉर्ट-लिस्ट किया है।
चीफ विजिलेंस ऑफिसर के पद पर आने वालों में ऑल इंडिया सर्विस यानी आईएएस-आईपीएस, आईआरएस-आईएफएस सहित अन्य सेवानिवृत्त अधिकारी भी हो सकते हैं। आर्मी से रिटायर हुए अधिकारियों के अलावा न्यायिक सेवाओं से रिटायर हो चुके अधिकारियों को भी चीफ विजिलेंस ऑफिसर लगाया जा सकता है। नियमों में बदलाव करते हुए सरकार ने सीवीओ के लिए सीबीआई के सेवानिवृत्त अधिकारियों को भी लेने का फैसला किया हुआ है।
विभिन्न विभागों व बोर्ड-निगमों में चीफ विजिलेंस ऑफिसर तैनात होंगे। पुलिस, रेवेन्यू डिपार्टमेंट, शहरी स्थानीय निकाय, विकास एवं पंचायत, मंडी बोर्ड, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, पब्लिक हेल्थ, कृषि सहित उन सभी विभागों में इनकी नियुक्ति होगी, जहां पब्लिक डीलिंग है और भ्रष्टाचार होने की आशंका बनी रहती है।
''चीफ विजिलेंस ऑफिसर की नियुक्ति जल्द कर दी जाएगी। चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री की सोच है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार को पूरी तरह से खत्म किया जाए। इसी दिशा में कदम उठाते हुए पब्लिक डीलिंग से जुड़े विभागों व बोर्ड-निगमों में चीफ विजिलेंस ऑफिसर नियुक्त करने का निर्णय लिया है। ''
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि सरकारी विभागों और बोर्ड-निगमों में जरूरत के अनुसार तत्काल मैनपावर की आवश्यकता को पूरा करने के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से अनुबंध आधार पर नियमित अंतराल पर नियुक्तियां दी जा रही हैं। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री ने एक क्लिक के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्य पर रखने के लिए लगभग 1087 उम्मीदवारों को जॉब ऑफर भेजे हैं। मुख्यमंत्री ने जॉब ऑफर प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी तरीके से सरकारी भर्तियां की जा रही हैं। कौशल निगम के माध्यम से दी जाने वाली नौकरियों में भी पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है, जिससे नागरिक बेहद प्रसन्न हैं। आज भेजे गए जॉब ऑफर में 382 ड्राइवर, 92 आयुष योग सहायक, 96 डाटा एंट्री ऑपरेटर, 55 फायरमैन/फायर ड्राइवर, 31 जूनियर इंजीनियर इत्यादि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का ध्येय जरूरतमंद परिवारों यानी अंत्योदय परिवारों के सदस्यों को कौशल निगम के तहत प्राथमिकता देते हुए उन्हें रोजगार के अवसर मुहैया करवाना है, ताकि ऐसे परिवारों का आर्थिक उत्थान हो सके और वे आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि सरकार को लगातार आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत सेवा प्रदाताओं द्वारा रखे गए कर्मचारियों के शोषण की शिकायतें प्राप्त होती थी, इसलिए सरकार ने कौशल रोजगार निगम का गठन करने का निर्णय लिया था।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बृहस्पतिवार को पानीपत में गांव सिंहपुरा के पास दिल्ली पैरलल नहर के विस्तारीकरण कार्य का शिलान्यास किया। इस पर 304 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। जिससे पानीपत जिले के इसराना, पानीपत ग्रामीण व समालखा विधानसभा क्षेत्र के हजारों किसानों सहित दक्षिण हरियाणा के किसानों को भी फायदा मिलेगा। गांव सिठाना व सिंहपुरा की ओर से ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया।
5600 से अधिक हासिल कर चुके कौशल निगम से नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल निगम के माध्यम से अब तक लगभग 5600 से अधिक उम्मीदवारों को रोजगार प्रदान किया जा चुका है। इनमें मुख्य रूप से टीजीटी, पीजीटी, ड्राइवर, आयुष योग सहायक और लाइनमैन शामिल हैं। कौशल निगम के माध्यम से रखे गए कर्मचारियों में एससी, ओबीसी इत्यादि श्रेणी के लिए आरक्षण का भी पूरा अनुपालन किया गया है। इतना ही नहीं, आरक्षण की सीमा से अधिक कर्मचारी लगाए गए हैं। अब तक लगाए गए कर्मचारियों में 30 प्रतिशत से अधिक एससी श्रेणी के हैं।












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