देसी कपास उगाएं, मनोहर लाल सरकार से 3000 रु प्रति एकड़ अनुदान पाएं, 30 जून तक करें पंजीकरण
चंडीगढ़, 21 जून। हरियाणा की मनोहर लाल सरकार ने फसल विविधीकरण और खेती में किसानों की लागत को कम करने के उद्देश्य से देसी कपास की फसल बढ़ावा देने का निर्णय लिया। सरकार की इस योजना के अनुसार देसी कपास लगाने वाले किसानों को सत्यापन के बाद तीन हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से अनुदान मिलता है। कृषि के माध्यम से किसानों की आमदनी को बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने देसी कपास को बढ़ावा देने के लिए तीन हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान देने का प्रावधान किया है। यहीं कारण है कि इस बार कपास का रकबा भी बढ़ा है, लेकिन पोर्टल पर अब तक अनेक किसानों ने पंजीकरण नहीं किया है। ऐसे में कृषि विभाग के अधिकारियों ने एक बार फिर किसानों को मौका दिया है।
किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर देसी कपास के अनुदान के लिए पंजीकरण करवाना होगा। किसान 30 जून तक अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इससे पहले मई महीने में पोर्टल को बंद कर दिया गया था, लेकिन पोर्टल पर कम आवदेन आने के कारण एक बार फिर पोर्टल को खोला है। ऐसे में उम्मीद है कि इन 10 दिनों के अंदर जो किसान पंजीकरण करने के लिए रह गए है वो भी कर देंगे तो कृषि विभाग के पास रिकार्ड भी आ जाएगा और किसानों को तीन हजार रुपये का अनुदान भी मिल जाएगा।
जिन किसान देशी कपास की बिजाई की है वो मेरी फसल-मेरा ब्योरा पर पंजीकरण करना होगा। इसके अलावा किसान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 या वेबसाइट www.agriharyana.org.in लागिन कर सकते हैं। इसके अलावा जिला के किसान किसी भी कार्य दिवस के दौरान लघु सचिवालय द्वितीय खंड में प्रथम तल पर स्थित कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। पंजीकरण के लिए ये चाहिए दस्तावेज
-किसान का आधार कार्ड
-किसान के नाम का बैंक खाता
-किसान की जमीन की फर्द और किला नंबर
-मोबाइल नंबर












Click it and Unblock the Notifications