आंध्र प्रदेश छोड़ते हुए भावुक हुए राज्यपाल हरिचंदन, सीएम जगन की योजनाओं को सराहा
सीएम जगन मोहन रेड्डी ने उन्हें छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर बधाई देते हुए कहा कि बिस्वा भूषण हरिचंदन ने व्यवहार में दिखाया है कि विभिन्न संवैधानिक अधिकारियों के बीच आपसी सहयोग और समन्वय कैसे होना चाहिए।

आंध्र प्रदेश को अपना दूसरा घर बताते हुए, प्रदेश के निवर्तमान राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन ने कहा कि तीन साल और सात महीने तक राज्य के लोगों की सेवा करना एक यादगार अनुभव रहा, जिसे वो कभी नहीं भूलेंगे। बिस्वा भूषण हरिचंदन राज्य सरकार की तरफ से आयोजित विदाई समारोह के दौरान बोल रहे थे। बिस्वा भूषण हरिचंदन को अब छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालने के लिए भेजा गया है।
इस मौके पर भावुक हुए हरिचंदन ने कहा, 'राज्य और सरकार के लोगों द्वारा मेरे प्रति दिखाए गए प्यार और स्नेह को मैं कभी नहीं भूलूंगा। मैं बहुत दुखी हूं कि मुझे यहां से जाना पड़ रहा है। मैंने एक बार मुख्यमंत्री से पूछा था कि वह इतनी सारी कल्याणकारी योजनाओं को कैसे लागू करेंगे। तो, उन्होंने जवाब दिया कि भगवान के आशीर्वाद के साथ वो कैसे भी करके इन्हें लागू करेंगे और उन्होंने सभी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू कर ये करके दिखा दिया।'
गौरतलब है कि इस बात को ध्यान में रखते हुए कि सरकार ने राज्य में कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता दी है, राज्यपाल हरिचंदन ने किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए वन-स्टॉप केंद्र रायथु भरोसा केंद्र के साथ अपनी संतुष्टि व्यक्त की। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश राज्य के लोगों की मदद करने के उद्देश्य से आरोग्यश्री और केंद्र की आयुष्मान भारत योजना दोनों को लागू करने वाले कुछ राज्यों में से एक है।
वहीं, सीएम जगन मोहन रेड्डी ने उन्हें छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर बधाई देते हुए कहा कि बिस्वा भूषण हरिचंदन ने व्यवहार में दिखाया है कि विभिन्न संवैधानिक अधिकारियों के बीच आपसी सहयोग और समन्वय कैसे होना चाहिए।












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