किसानों को जून से मिलेगी बड़ी राहत, फसलों के नुकसान का इस तरह होगा सर्वे, सीएम शिंदे का एलान
पिछले कुछ वर्षों से राज्य के किसान बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और सूखे के रूप में जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों का सामना कर रहे हैं। टिकाऊ कृषि के लिए किसानों को सरकारी मदद की जरूरत है।

Maharashtra Farmers: महाराष्ट्र में जून से राज्य सरकार प्राकृतिक आपदा के कारण नुकसान के सर्वेक्षण के लिए सेटेलाइट तस्वीरें और ड्रोन सहित उच्च तकनीक का उपयोग करेगी और किसानों के लिए त्वरित राहत सुनिश्चित करेगी, सीएम एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने कहा कि उन्होंने जिला कलेक्टरों और संभागीय आयुक्तों को इस बारे में संबोधित किया है। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि राज्य मशीनरी को फसल सर्वेक्षण के नए तरीकों के लिए खुद को अपडेट करना चाहिए जो किसी भी मानवीय हस्तक्षेप से बचेंगे और उच्च तकनीक पर भरोसा करेंगे।
महाराष्ट्र के किसान बेहाल
पिछले कुछ वर्षों से, राज्य के किसान बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और सूखे के रूप में जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों का सामना कर रहे हैं। टिकाऊ कृषि के लिए किसानों को सरकारी मदद की जरूरत है। सीएम ने कहा कि इसके लिए नुकसान का सर्वे तेजी से कराने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने प्राकृतिक आपदा के मामले में किसानों के मुआवजे को दोगुना कर दिया है। यह एनडीआरएफ से मिलने वाली राशि से दोगुना है।
क्या बोले देवेंद्र फडणवीस?
दिन भर चली बैठक में राज्य के महत्व, प्रमुख योजनाओं आदि के मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान सौर कृषि ऊर्जा योजना 2.0 का भी शुभारंभ किया गया है। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने योजना की शुरुआत करते हुए कहा, इस योजना का उद्देश्य किसानों को दिन के दौरान बिजली उपलब्ध कराने के लिए 7,000 मेगावाट सौर ऊर्जा पैदा करना और 30 फीसदी कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा पर स्थानांतरित करना है। यह राज्य के लिए मिशन 2025 है। बता दें, बीते कुछ दिनों से महाराष्ट्र के किसान बेमोसम बारिश के कारण परेशान हैं। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है।












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