ओडिशा में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों से बढ़े रोजगार के अवसर, CEFPPC के तहत अब तक 4 यूनिट को मंजूरी
ओडिशा में खाद्य प्रसंस्करण और संरक्षण प्रोजेक्ट्स से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं। खुर्दा जिले में प्रति वर्ष 6,000 टन प्रसंस्करण करने की है, जिससे 300 लोगों को रोजगार मिला।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने खाद्य प्रसंस्करण और संरक्षण क्षमताओं के विस्तार की योजना के तहत 2017-18 से अब तक राज्य में शुरू की गई चार खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मंजूरी दी है। अकेले खुर्दा जिले में स्थापित इकाई की क्षमता प्रति वर्ष 6,000 टन प्रसंस्करण करने की है और इसने 300 लोगों के लिए रोजगार पैदा किया है। इससे लगभग 25 किसान सीधे लाभ उठा रहे हैं।
खुर्दा के प्रगति मिल्क प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की एक दूध प्रसंस्करण इकाई को जनवरी 2019 में मंजूरी दी गई थी और 5 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता जारी की गई है। कटक जिले में 20.52 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित इस इकाई की क्षमता प्रति वर्ष 60,000 टन दूध संसाधित करने की है। इकाई ने 538 लोगों को रोजगार प्रदान किया है और 150 डेयरी किसान परिवारों को सहायता प्रदान की है।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री पशुपति कुमार पारस ने लोकसभा को बताया कि प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) के तहत राज्य में बी-वन बिजनेस हाउस प्राइवेट लिमिटेड की एक मछली और समुद्री प्रसंस्करण इकाई है। इस योजना को फरवरी 2018 में अनुमति दी गई थी। जिसमें 22.31 करोड़ रुपये की लागत को मंजूरी दी गई थी। इसके अलावा 5 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता राशि जारी करके इसे पू्र्ण रूप से विकसित किया गया।
ओडिशा के रायगडा में एक खाद्य और सब्जी प्रसंस्करण इकाई और खुर्दा में एक समुद्री मछली प्रसंस्करण इकाई शामिल हैं। इसके अलावा TABA स्नैक्स एंड बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड ने 14.39 करोड़ रुपये की लागत से एक फल और सब्जी प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। इससे 325 लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। TABA स्नैक्स एंड बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड की वार्षिक प्रसंस्करण क्षमता 38,000 टन होगी। इससे 250 किसानों को लाभ होगा।












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